DA Image
28 फरवरी, 2020|9:57|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

Shattila Ekadashi 2020: षटतिला एकादशी व्रत आज, जानें महत्व व पूजा विधि

shattila ekadashi vrat today

एकादशी का व्रत महीने में दो बार मनाया जाता है। आज (20 जनवरी 2020 को ) षटतिला एकादशी है। माघ मास कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जानते हैं। अन्य एकादशियों की तरह इस एकादशी का भी विशेष महत्व है। चूंकि पूरा माघ मास पूजा उपासना के लिए पवित्र माह माना जाता है ऐसे में षटतिला एकादशी का महत्व और बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी के व्रत से अक्ष्य पुण्य की प्राप्ति होती है। एकादशी के दिन स्नान, दान और व्रत का विशेष प्रयोजन होता है। मान्यता है कि 24 एकादशियों का व्रत करने वाले मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है।


षटतिला एकादशी के दिन काले दिन से भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष फल प्राप्त होता है। साल की सभी 24 एकादशियां भगवान विष्णु की पूजा उपासना के लिए समर्पित होती हैं। लेकिन सभी का अपना अलग महत्व होता है। षटतिला एकादशी के दिन तिल का दान करना व काली की पूजा करने का भी प्रचलन है।


षटतिला व्रत का महत्व-
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जितना पुण्य कन्यादान, हजारों वर्षों की तपस्या और स्वर्ण दान करने के बाद मिलता है, उससे कहीं ज्यादा फल एकमात्र षटतिला एकादशी का व्रत करने से प्राप्त होता है। तिल का उपयोग पूजा, हवन, प्रसाद, स्नान, स्‍नान, दान, भोजन और तर्पण में किया जाता है। तिल के दान के दान का विधान होने के कारण कारण यह षटतिला एकादशी कहलाती है।


एकादशी पूजा विध:
एकादशी के दिन प्रात: स्नानादि के बाद भगवान विष्णु की पूजा अराधना की जाती है। तिलयुक्त हवन किया जाता है। इसके बाद पूरे दिन उपवास रखते हुए नारायण का ध्यान किया जाता है। तुलसी पर घी का दीपक जलाएं और सूर्यास्त के वक्त शाम को एक बार फिर जोत जलाकर पूजा करें। इसके अगले दिन सुबह स्नानकर पूजा करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Shattila Ekadashi 2020: Shattila Ekadashi fasting today learn importance and method of worship