ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ धर्मशारदीय नवरात्रि से पहले कन्या राशि में आ गए शुक्र, जानें इन राशियों की कब तो होगी चांदी ही चांदी

शारदीय नवरात्रि से पहले कन्या राशि में आ गए शुक्र, जानें इन राशियों की कब तो होगी चांदी ही चांदी

आश्विन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर 2022 दिन शनिवार को रात में 3:25 के बाद कला सौंदर्य सौभाग्य आकर्षण वैभव के कारक ग्रह शुक्र का गोचरीय परिवर्तन सूर्य की राशि सिंह से मित्र ग्रह बुध की राशि कन्य

शारदीय नवरात्रि से पहले कन्या राशि में आ गए शुक्र, जानें इन राशियों की कब तो होगी चांदी ही चांदी
Anuradha Pandeyपं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली,नई दिल्लीTue, 27 Sep 2022 07:15 AM
ऐप पर पढ़ें

आश्विन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर 2022 दिन शनिवार को रात में 3:25 के बाद कला सौंदर्य सौभाग्य आकर्षण वैभव के कारक ग्रह शुक्र का गोचरीय परिवर्तन सूर्य की राशि सिंह से मित्र ग्रह बुध की राशि कन्या में होने जा रहा है कन्या राशि में शुक्र अपने नीच स्थिति को प्राप्त करते हैं फिर भी जिन लोगों के जन्म कुंडली में शुभ कारक ग्रह की स्थिति में विद्यमान रहते हैं उनके लिए धना गम , प्रगति एवं वैभव के नए मार्ग प्रशस्त भी करते हैं ऐसी स्थिति में इनका या गोचर में परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

Navratri rashifal in hindi: शुभ ग्रह स्थिति और कई राजयोग में नवरात्रि, इन चार राशियों के लिए लाभ के मौके ही मौके
भारत पर प्रभाव :-
 भारत के युवाओं की प्रतिभा निखरेगी
व्यापार के नए स्रोत ,नई तकनीकी का विकास 
कला क्षेत्र के लिए समय ठीक
इंफ्रास्ट्रक्चर एवं वाहन को लेकर नयी घोषणा।
आम जन मानस का स्वास्थ्य उत्तम एवं सुख में वृद्धि
नयी वैक्सीन या दवाई की खोज सम्भव 
इस अवधि में महिलाओं के दृष्टिकोण से सकारात्मक समय रहने वाला होगा। 
कांग्रेस पार्टी में युवा नेतृत्व एवं महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि की संभावना भी बनेगी।

नवरात्रि से पहले कन्या में राशि में आ जाएंगे चार बड़े ग्रह, लक्ष्मीनारायण योग देगा राशियों को लाभ

मेष :- धनेश एवं सप्तमेश होकर षष्ट भाव में। 
         *धन संबंधित कार्यो में अवरोध
         *वाणी व्यवसाय ,सेल्स मार्केट ,टीचिंग से जुड़े 
              लोगों को तनाव कष्ट
         *पारिवारिक तनाव या खर्च
         *दाम्पत्य जीवन ,प्रेम संबंध अवरोध पूर्ण
         *एलर्जी की ,इनर प्रॉब्लम
         *रोजगार को लेकर तनाव
         *यात्रा का अचानक योग बन सकता है
उपाय :- गाय को हरा चारा खिलावें।

वृष  :- लग्नेश-रोगेश होकर पंचम भाव में। 
         *स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम
         *आय के साधनों में वृद्धि की 
         *व्यापार में विस्तार के योग
         *बुद्धिमत्ता के आधार पर समय अनुकूल
         *विद्या वृद्धि, डिग्री के लिए समय अनुकूल
         *प्रेम संबंधों एवं दाम्पत्य जीवन के लिए समय ठीक
         *मनोबल अचानक कमजोर हो सकता है ध्यान रखे
उपाय :- मूल कुंडली के अनुसार ओपल धारण करें

मिथुन :- व्ययेश एवं पंचमेश होकर सुख भाव में। 
     *सुख के साधनों एवं उपभोग में सकारात्मक परिवर्तन
     *सुख के संसाधनों एवं घरेलू कार्यो पर धन खर्च बढ़ेगा
     *माता का स्वास्थ्य ठीक होगा
     *संतान को लेकर चिंता खत्म होंगी
      *पढ़ाई मध्यम रहेगा
      *घरेलू विवाद में कमी आएगी
      *कलात्मकता में वृद्धि, 
उपाय :- माता दुर्गा की उपासना श्रेष्ठ फलदायक होगा।

कर्क :- सुखेश-आयेश होकर पराक्रम भाव में। 
         *आन्तरिक डर में वृद्धि
         *आय को लेकर संघर्ष करना पड़ेगा
         *सुख के संसाधन तनाव देंगे
         *भाग्य का साथ मिलेगा
         *मित्रो, भाई , बंधुओं से असंतोष संभव
         *माता का स्वास्थ्य तनाव दे सकता है
         *गृह एवं वाहन को लेकर चिंता बना रह सकता है
उपाय :- गाय की सेवा करें एवं बहन बुआ को कुछ भेंट दे।

सिंह :- पराक्रमेष एवं राज्येश होकर धन भाव में। 
      *धनागम होगा , नौकरी व व्यवसाय से लाभ
      *वाणी व्यवसाय से जुड़े लोगों को जबरदस्त लाभ
      *सिंगर,वकालत,सेल्स मार्किट से जुडे लोगो को लाभ
      *पारिवारिक वृद्धि, कुटुम्ब में नया कार्य
       *परिश्रम एवं कार्य क्षेत्र में अवरोध
       *शुगर आदि के समस्या है तो रहे सावधान
       *कलात्मकता में होगी वृद्धि
उपाय :- शुक्रवार के दिन फलदार वृक्ष सार्वजनिक स्थल पर लगावे।

कन्या :- धनेश एवं भाग्येश होकर लग्न भाव में। 
         *धनागम होगा अचानक धन लाभ के योग
         *परिवार में खुशियां बढ़ेंगी
         *भाग्य का साथ प्राप्त होगा
         *जीवनसाथी एवं प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी
         *रोजगार ,व्यापार के विस्तार की संभावना
         *कलाकार है तो प्रगति ठीक
         *वाणी पर संयम बरतें एवं सही समय पर बात कहें
उपाय :- मूल कुंडली के अनुसार हीरा या ओपल रत्न धारण करें।

तुला  :- लग्नेश एवं अष्टमेष होकर व्यय भाव में। 
         *जीवन के आनंद में वृद्धि
         *भोग विलासिता पर खर्च बढ़ेगा
         *मनोबल अचानक कमजोर हो सकता है
         *पारिवारिक तनाव या विवाद में वृद्धि
         *अचानक यात्रा के खर्च में वृद्धि
         *स्वास्थ्य तनाव दे सकता है इस बीच
         *नजदीकी व्यक्ति विरोध या घात कर सकता है
उपाय :- मूल कुंडली के अनुसार शुक्र को मजबूत करें।

वृश्चिक :- सप्तमेश- व्ययेश होकर लाभ भाव में। 
         *व्यापार में वृद्धि
         *आय एवं लाभ में वृद्धि
         *संतान के प्रति चिंता बढ़ सकती है
         *पढ़ाई से मन हट सकता है
         *जीवनसाथी का सहयोग सानिध्य एवं लाभ
         *प्रेम संबंधों में विस्तार या नए प्रेम संबंध बन सकते
         *उत्साह में वृद्धि संभव
उपाय :- माता दुर्गा की उपासना श्रेयस्कर होगा।

धनु  :- रोगेश एवं लाभेश होकर राज्य भाव में। 
         *आय के साधनों में वृद्धि से सम्मान बढेगा
         *परिश्रम एवं कार्यो में अवरोध
         *सुख एवं सुख के संसाधनों में वृद्धि
         *माता के स्वास्थ्य एवं सहयोग सानिध्य में वृद्धि
         *रोजगार के साधन बढ़ेंगे ,सरकारी लाभ
         *कार्य स्थल पर कार्य क्षमता बढ़ेगी लक्ष्य प्राप्ति
         *रोग,ऋण, शत्रु कमजोर पड़ेंगे यानी विजय होगी
उपाय :- शुक्रवार के दिन माता दुर्गा को मिष्ठान का भोग लगाएं।

मकर :- पंचमेष एवं राज्येश होकर भाग्य भाव में। 
         *भाग्य का साथ मिलेगा
         *संतान पक्ष से लाभ या संतान को लाभ
         *पढ़ाई डिग्री के लिए थोड़े तनाव के साथ प्रगति
         *कम परिश्रम के बाद भी बड़ी सफलता
         *पिता या उच्चाधिकारी का सहयोग सानिध्य, 
         *आंतरिक डर की स्थिति हो सकती है
         *कलात्मकता में वृद्धि
उपाय :- मूल कुंडली के अनुसार ओपल अथवा हीरा रत्न धारण करना लाभदायक होगा।

कुम्भ :- सुखेश एवं भाग्येश होकर अष्टम भाव में। 
         *धनागम में वृद्धि, पेट की समस्या में वृद्धि
         *परिवार में नया कार्य ,सकारात्मक वृद्धि
         *सुगर , इनर आदि समस्या के कारण तनाव
         *माता के स्वास्थ्य के प्रति चिंता
         *गृह एवं वाहन को लेकर चिंता होगी
         *वाणी व्यवसाय, सेल्स मार्केट, राजनीति से लाभ
         *भाग्य में अवरोध सम्भव
उपाय :- कुंडली के अनुसार शुक्र को मजबूत करने का उपाय करें।

मीन :- पराक्रमेष एवं अष्टमेश होकर सप्तम भाव में। 
         *व्यापार रोजगार में तनाव के साथ प्रगति
         *मानसिक तनाव बढ़ सकता है
         *भाई बंधुओ मित्रो से तनाव या कष्ट
         *जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता
         *साझेदारी में गलत फहमी
         *फैशन पर ख़र्च बढ़ेगा
         *एलर्जी की समस्या से झल्लाहट बढ़ेगी
उपाय :- शुक्रवार के दिन माता दुर्गा को मिश्री का भोग लगाकर बांट दें।

epaper