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30 जून से शनि चलेंगे उल्टी चाल, इन 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

Shani Vakri Saturn Retrograde : शनिदेव के अशुभ होने पर व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि शनिदेव सिर्फ अशुभ फल देते हैं। शनिदेव शुभ फल भी देते हैं।

30 जून से शनि चलेंगे उल्टी चाल, इन 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन
Yogesh Joshiलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीThu, 16 May 2024 09:43 AM
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Shani Vakri : ज्योतिषशास्त्र में शनिदेव को विशेष स्थान प्राप्त है। शनिदेव को पापी ग्रह कहा जाता है। शनिदेव के अशुभ प्रभावों से हर कोई भयभीत रहता है। शनिदेव के अशुभ होने पर व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि शनिदेव सिर्फ अशुभ फल देते हैं। शनिदेव शुभ फल भी देते हैं। शनिदेव के शुभ होने पर व्यक्ति का जीवन राजा के समान हो जाता है। 30 जून से शनिदेव कुंभ राशि में उल्टी चाल चलने जा रहे हैं। शनिदेव की उल्टी चाल चलने से कुछ राशि वालों का भाग्योदय होना तय है। आइए जानते हैं, शनि की उल्टी चाल चलने से किन राशि वालों को होगा फायदा-

मेष: मेष राशि के जातकों के लिए शनि 10वें भाव और 11वें भाव का स्वामी है। यह लाभ के 11वें भाव में वक्री हो जाएगा। कुंभ राशि में शनि वक्री होने से मेष राशि के जातकों के करियर और लाभ पर असर पड़ने वाला है। वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको अपने काम में अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। आपके सामने अंत में बेहतर वित्तीय अवसर आ सकते हैं।

मिथुन: मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि अष्टम और नवम भाव का स्वामी बनता है। मिथुन राशि वालों के लिए यह वक्री शनि निश्चित रूप से आपके भाग्य को थोड़ा धीमा करेगा और आपके काम के पूरा होने में देरी कर सकता है, लेकिन देर-सवेर आपकी इच्छा के अनुसार काम जरूर करवाएगा।

सिंह: सिंह राशि के जातकों के लिए शनि छठे और सातवें भाव का स्वामी है और सातवें भाव में वक्री हो जाएगा। व्यवसायियों के लिए यह अच्छी खबर है क्योंकि आपका व्यवसाय गति पकड़ेगा और मुनाफा कमाएगा। अगर आपका कोई काम अटका हुआ था या लंबित था तो उसमें अवश्य ही गति आएगी। व्यापार के लिहाज से या नियमित नौकरी करने वालों के लिए भी यह समय फलदायी रहेगा। 

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कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों के लिए शनि 5वें और 6वें भाव का स्वामी होता है और छठे भाव में वक्री हो जाता है। वकीलों के लिए यह सबसे अच्छा समय नहीं हो सकता है। भले ही शनि छठे भाव में हो, यह मामलों के निर्णयों को अंतिम रूप देने में देरी कर सकता है या आप अपने पास आने वाले अदालती मामलों की संख्या में कमी देख सकते हैं।

धनु राशि: कुंभ राशि में शनि के वक्री होने से निकट भविष्य में आपको बहुत आश्चर्य होने वाला है। आप कई क्षेत्रों से अच्छी खबरें आने का अनुभव करेंगे, खासकर काम और नौकरी के मामले में। अगर आप अपनी नौकरी बदलना चाहते हैं या नए अवसरों की तलाश कर रहे हैं तो आपको निश्चित रूप से नए प्रस्ताव मिलेंगे। आपके प्रयास और पराक्रम में वृद्धि होगी और आपको सफलता मिलेगी।

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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