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कुंभ, धनु और तुला समेत ये राशि वाले सावन मास में करें ये काम, प्रसन्न होंगे शनिदेव

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Saumya Tiwari
Tue, 10 Aug 2021 11:59 AM
कुंभ, धनु और तुला समेत ये राशि वाले सावन मास में करें ये काम, प्रसन्न होंगे शनिदेव

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है। कहते हैं कि शनिदेव अच्छे कर्म करने वालों को शुभ और गलत कामों को करने वालों को दंडित करते हैं। न्याय देवता शनि के जन्म कुंडली में उच्च स्थिति में होने पर शुभ फलों की प्राप्ति होती है। शनि ग्रह की कुंडली में कमजोर स्थिति होने पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में कुंभ, धनु और मकर राशियां शनि की साढ़े साती से पीड़ित हैं और मिथुन और तुला राशि वालों पर शनि ढैय्या चल रही है।

ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव की कृपा पाने का सबसे सरल उपाय दान बताया गया है। हिंदू धर्म में दान-पुण्य को उत्तम माना जाता है। कहते हैं कि दान-पुण्य करने से व्यक्ति को सौभाग्य की प्राप्ति होती है। शनिवार के दिन काली उड़द, सरसों का तेल, तिल तेल और काले जूते दान गरीबों को दान करने से शनिदेव के प्रसन्न होने की मान्यता है।

शनिदेव की कृपा पाने के लिए दूसरा उपाय शनि यंत्र की पूजा है। कहा जाता है कि शनि यंत्र की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। इस यंत्र की पूजा से शनि संबंधी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

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शनिवार के दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि के मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः का जाप करना बेहद लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि इस मंत्र का 1008 बार जाप करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है।

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी की विधि-विधान के साथ पूजा करनी चाहिए। कहते हैं कि शनिदेव और हनुमान जी मित्र हैं। हनुमान जी की पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ बेहद लाभकारी माना जाता है।

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शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। आप रोजाना भी दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राजा दशरथ ने शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए इस स्तोत्र की रचना की थी।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।  

 

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