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Shani ki Sade Sati : अप्रैल 2022 में मकर से कुंभ राशि में आएंगे शनि, जानिए प्रभाव और उपाय

Shani ki Sade Sati : अलगे साल 2022 में शनि देव राशि परिवर्तन करेंगे। मौजूदा समय में शनि मकर राशि में विचरण कर रहे हैं जिसके चलते कई राशियों पर शुभ व अशुभ प्रभाव देखने को मिल रहा है। इस दौरान कुछ...

Shani ki Sade Sati : अप्रैल 2022 में मकर से कुंभ राशि में आएंगे शनि, जानिए प्रभाव और उपाय
Alakha Singhलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीFri, 26 Nov 2021 08:58 PM

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Shani ki Sade Sati : अलगे साल 2022 में शनि देव राशि परिवर्तन करेंगे। मौजूदा समय में शनि मकर राशि में विचरण कर रहे हैं जिसके चलते कई राशियों पर शुभ व अशुभ प्रभाव देखने को मिल रहा है। इस दौरान कुछ राशियों पर शनि की साढे साती (shani ki sade sati 2021) चल रही है तो कुछ राशियों पर शनि की ढैय्या चल रही है। शनि को न्याय का देवता माना गया है। यानी शनि के प्रभाव के कर्मों के फल को भोगना ही पड़ता है। शनि का अगला राशि परिवर्तन कब होगा और इसका अन्य राशियों पर क्या असर होगा? आइए जानते हैं-

शनि की राशि परिवर्तन का राशियों पर प्रभाव-
ज्योतिषाचार्यां के अनुसार, शनि जब मकर राशि में है तो ऐसे समय में मकर, धनु और कुंभ राशियों के जातकों को पर शनि की साढ़े साती मानी जाती ही। शनि की साढ़े साती होने पर पीड़ित राशि वालों को मानसिक कष्ट, शारीरिक कष्ट और गृह-क्लेश का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सलाह है कि इन तीन राशियों के लोग गृह-क्लेश से बचें और वाहन प्रयोग में सावधानी वर्तने के साथ ही ज्यादा उलझनों में न पड़ें। शनि एक राशि में ढाई साल तक रहते हैं।

अप्रैल 2022 में शनि बदलेंगे राशि-
29 अप्रैल 2022 को शनि मकर से निकलकर जब कुंभ राशि में भ्रमण करेंगे तब मीन, कुंभ और मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती रहेगी। इस दौरान इन तीनों राशियों के जातकों को मानसिक कष्ट व गृह-क्लेश का सामना करना पड़ सकता है।

शनि देव के उपाय :
यदि आपकी राशि में शनि की साढ़े साती चल रही है तो इसके प्रभावों को कम करने के लिए ज्योतिषशास्त्र में उपाय भी बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शनि की साढ़े साती का असर कम करने के लिए शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना चाहिए। सुबह स्नान करके जल चढ़ाने के साथ ही शाम को उसके नीचे दिया भी जलाना चाहिए जिससे कि शनि का बुरा प्रभाव कम हो सके। इसके अलावा कबूतर को दाना डालने व काली गाय को रोटी आदि खिलाने से भी शनि का असर कम होता है। शनि की साढ़े साती व ढैय्या को लेकन अपने पंडित से भी उपाय पूछ सकते हैं।

(इस आलेख में दी गई जानकारियों लोकरुचि को ध्यान में रखते हुए दी गई हैं। हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। )