शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने से इन लोगों को रहना होगा सावधान, शुरू होगा साढ़ेसाती का पहला चरण

May 09, 2021 06:31 am ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली
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ज्योतिष में शनि को महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। शनि के बुरे प्रभाव से व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शनि की साढ़ेसाती का प्रकोप काफी खतरनाक माना जाता है। शनि काफी मंद गति से...

शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने से इन लोगों को रहना होगा सावधान, शुरू होगा साढ़ेसाती का पहला चरण

ज्योतिष में शनि को महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। शनि के बुरे प्रभाव से व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शनि की साढ़ेसाती का प्रकोप काफी खतरनाक माना जाता है। शनि काफी मंद गति से चलते हैं और एक राशि से 12वीं राशि तक जाने में 30 साल का समय लेते हैं। शनि कुछ महीनों बाद कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। कुंभ राशि में प्रवेश करते ही मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा। शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने से मीन राशि के जातकों को काफी सावधान रहना होगा। 

मीन राशि पर शुरू होगा शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण

  • इस समय शनि देव मकर राशि में विराजमान हैं। शनि देव 29 अप्रैल, 2022 को मकर से कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। कुंभ राशि में प्रवेश करते ही मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा। 

इस समय इन राशियों पर है शनि की साढ़ेसाती

  • इस समय धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। इसके साथ ही इस समय मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढेय्या है।

धनु राशि को मिलेगी शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति

  • 29 अप्रैल, 2021 को शनि के कुंह राशि में प्रेवश करने से धनु राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन शनि 2022 में एक बार फिर वक्री चाल चलकर मकर राशि में गोचर करेंगे। शनि के मकर राशि में वक्री और मार्गी होने की वजह से धनु राशि पर फिर से शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। धनु राशि के जातकों को पूर्णरूप से 2023 में शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी।

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लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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