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शनि अमावस्या : आज करें पीपल का पूजन, प्रसन्न होंगे शनिदेव, बढ़ेगा सौभाग्य 

शनि अमावस्या भगवान शनिदेव के साथ भगवान शिव को प्रसन्न करने का विशेष दिवस माना जाता है। इस दिन शनिदेव के साथ भगवान शिव की भी आराधना करें। ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। शनि अमावस्या के दिन कुछ विशेष...

Arpan लाइव हिन्दुस्तान टीम , meerutSat, 4 Dec 2021 05:25 AM
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शनि अमावस्या भगवान शनिदेव के साथ भगवान शिव को प्रसन्न करने का विशेष दिवस माना जाता है। इस दिन शनिदेव के साथ भगवान शिव की भी आराधना करें। ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। शनि अमावस्या के दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। 

माना जाता है कि पीपल के पेड़ पर शनिदेव का वास होता है। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करें। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करने से समस्त पापों का नाश होता है। शनैश्चरी अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने से आर्थिक, शारीरिक और मानसिक परेशानियां दूर होती हैं। इस दिन काले कुत्ते को सरसों तेल से बनी रोटी खिला सकते हैं। कौवों को खाना भी खिलाएं। जरूरतमंदों को दान देने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इस दिन काला तिल, वस्त्र, उड़द दाल, जूते-चप्पल, कंबल आदि का दान करें। इस दिन किए जाने वाले दान-स्नान और पूजा-पाठ का पुण्य जीवनभर प्राप्त होता है। इस दिन पीपल का पूजन करने से सौभाग्य बढ़ता है और पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं। शनि अमावस्या पर हनुमानजी मंदिर में गुलाब के फूल की माला अर्पित करें और तिल के तेल का दीपक जलाएं। भगवान शिव की पूजा सफेद अपराजिता और शनिदेव की पूजा नीले फूलों से करें। शनि अमावस्या के दिन अपनी दुकान या फैक्ट्री के गेट पर घोड़े की नाल लगाएं और ध्यान रखें कि नाल का खुला मुंह नीचे की तरफ होना चाहिए। शनि अमावस्या के दिन एक पात्र में सरसों का तेल लें। उसमें एक रुपये का सिक्का डालें और फिर तेल में अपने चेहरे की छाया देखने के बाद उस तेल को दान कर दें। शनि अमावस्या पर काले रंग के वस्त्र धारण करें। इस दिन काली गाय का दान करने से पितृ दोष से पीड़ित जातकों की सात पीढ़ियों का उद्धार होता है। 

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। 

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