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सक्सेस मंत्र: पानी है सफलता तो अवसर ढूढ़िए बहाने नहीं

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काफी समय पहले की बात है। एक गांव में लोग श्रमदान से चौपाल बना रहे थे। काफी देर से गांव के सभी लोग काम में लगे हुए थे। इसी दौरान वहां पर एक व्यक्ति खड़ा था जोकि काफी उदास दिखाई दे रहा था। यह देखकर गांव के सरपंच से रुका नहीं गया और वह उस व्यक्ति के पास गए और बात करने लगा।

उदास खड़े उस व्यक्ति से सरपंच ने कहा, 'आपको भी इस काम में हाथ बंटाना चाहिए।' उस व्यक्ति ने कहा, 'सरपंच जी मैं पिछले दो दिन से भूखा हूं।' तब सरपंच ने कहा, 'ठीक है तो चलो मेरे घर में चलकर भोजन कर लो।' इसपर वह व्यक्ति सरपंच के घर गया और उसने पेट भर के भोजन किया।

भोजन करवाने के बाद सरपंच फिर एक बार व्यक्ति के पास आए और बोले कि अब तुमने भोजन कर लिया है। तुम्हारा पेट भी भर गया होगा। अब बाकी लोगों के साथ हाथ बंटाओ। यह सुनकर वह व्यक्ति फौरन बोला कि चूंकि अब मैंने भोजन कर लिया तो मुझे नींद आने लगी है। इसलिए मैं पहले थोड़ा आराम करूंगा। इसके बाद ही कुछ अन्य काम करूंगा। 

यह सुनकर सरपंच काफी निराश हुआ और बोला कि पहले तुम भूखे थे तो तुम्हें भोजन कराया गया। अब तुम बहाने ढूंढ रहे हो। 


तब सरपंच ने कहा है कि से कहा कि किसी ने सच ही बोला है कि जो व्यक्ति बहाने खोजते हैं, वे जीवन में कभी सफल नहीं हो पाते। इसलिए लोगों को बहाने नहीं अवसर खोजने चाहिए।

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  • Web Title:see opportunity sincerely to be success in life
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