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31 जुलाई, 2020|10:41|IST

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Sawan 2020 : इस बार सावन में पांच सोमवार से जुड़ा अद्भुत संयोग, शिव करेंगे मनोकामना पूरी

shiva

 देवाधिदेव महादेव के प्रिय मास श्रावण मास में वर्षों बाद अदभुत संयोग है जब श्रद्धालुओं को पांच सोमवार भोले की भक्ति आराधना और साधना का अवसर मिलेगा। गांधी महाविद्यालय मे संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष शिवसम्पत द्विवेदी ने  कहा कि इस बार के पांच सोमवार इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वेद पुराणों के अनुसार भगवान शिव के पांच मुख है और पंच महाभूतों से मनुष्य का शरीर बना है, इसलिए सावन के  महीने मे पड़ने वाले इन पांचों सोमवार को शिव की आराधना करने वाले के सभी मनोरथ पूरे होंगे। 
उन्होंंने कहा कि श्रावण मास शिवजी को विशेष प्रिय है। शिव पुराण मे भगवान शंकर ने स्वयं इस माह का महत्व बताते हुए कहा कि इस माह मे जो भी मेरी पूजा अर्चना करता है उसे मेरी कृपा अवश्य प्राप्त होती है। इसलिए श्रावण के महीने मे जो भी मनुष्य भगवान भोलेनाथ की आराधना करना है उस पर वे अवश्य कृपा करतें है। भगवान शिव के पांच मुख है। साथ ही मनुष्य का शरीर पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु व आकाश के पंच महाभूतो से बना है।  इस श्रावण माह के पांचों सोमवार मे भगवान शंकर की आराधना करने से भौतिक व दिव्य शरीर की हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही जो भक्त पंचामृत (दूध, दही, घी, शक्कर और शहद) से भगवान भोलेनाथ की पूजा करेगा उसकी मनोवांछित इच्छाएं अवश्य पूरी होंगी। 
उन्होने बताया कि सावन के महीने मे सोमवार के व्रत करने का भी अलग महत्व है। भगवान भोलेनाथ ने स्वयं कहा है कि सभी महीनों मे श्रावण का महीना मुझे अत्यंत प्रिय है। इसका महत्व सुनने योग्य है। इसलिए इसे श्रावण मास कहा जाता है। इस मास मे श्रवण नक्षत्र युक्त पूर्णिमा होती है। इस कारण भी इसे श्रावण कहा जाता है। इस माह के महत्व के सुनने मात्र से यह सिद्धि प्रदान करने वाला है। इसीलिये भी यह इस मास को श्रावण का महीना कहते है।  
अकाल मृत्यु हरणं सर्व व्याधि विनाशनम्, अथार्त श्रावण मास मे अकाल मृत्यु दूर कर दीघार्यु की प्राप्ति के लिये तथा अन्य सभी व्याधियों को दूर करने के लिये पूजा की जाती है। मरकंडू ऋषि के पुत्र मारकंडेय ने लंबी आयु के लिये श्रावण माह मे ही घोर तप कर शिवजी की कृपा प्राप्त की थी जिससे मिली मंत्र शक्तियों के सामने यमराज भी नतमस्तक हो गये थे। श्रावण मास मे सोमवार का व्रत भी अत्याधिक महत्वपूर्ण होता है। श्रावण मास मे पांच सोमवार पड़ रहे है। जिसमे पहला सोमवार 6 जुलाई को, दूसरा सोमवार 13 जुलाई को, तीसरा सोमवार 2 जुलाई को, चौथा 27 जुलाई को, अंतिम सोमवार 3 अगस्त को होगा। इन दिनों मे भक्त शिव की आराधना कर शिव की कृपा प्राप्त कर सकतें है।

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  • Web Title:Sawan 2020 somwar fast significance and lord shiva worship