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Sankashti Chaturthi 2019: आज है संकष्टी चतुर्थी, जानें पूजन विधि और व्रत कथा

Ganesh Chaturthi 2018

हिन्दू कैलेण्डर में हर महीने दो बार चतुुर्थी होती है अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी तो वही पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस बार माघ महीने की सकट चौथ 24 जनवरी यानी आज है। इन दिन भगवान गणपति जी का विधि-विधान से पूजन करने पर सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

सकट चौथ पूजन व्रत विधि

सकट चौथ के दिन महिलाएं सुबह स्नान के पश्चात ऋद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश जी की पूजा करती हुई पूरे दिन निर्जल व्रत रखती हैं। इसके बाद शाम को गणेश जी विधि-विधान से पूजन एवं फल-फूल, तिल, गुड़ आदि अर्पित किया जाता है। गणेश जी की पूजा में दूब चढ़ाना नहीं भूलें। गणपति के सामने दीपक जलाकर गणेश जी के मंत्र का जाप करें। चंद्रमा के उदय के बाद नीचे की ओर देखते अर्घ्य दें। 

sakat chauth 2019 : संतान की लंबी आयु के लिए किया जाता है सकट चौथ का व्रत

पूजा का शुभ मुहूर्त

सकट चौथ का व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही पूरा होता है, इसलिए 24 जनवरी 2019 को रात 09:31 पर चंद्रमा उदय के बाद चंद्र को अर्घ्य और गणेश जी का विधि-विधान से पूजन करें। 

क्या नहीं करें 

सकट चौथ के व्रत में मूली का सेवन नहीं किया जाता है।

सकट चौथ व्रत कथा

कहते हैं कि सतयुग में राजा हरिश्चंद्र के राज्य में एक कुम्हार था। एक बार तमाम कोशिशों के बावजूद जब उसके बर्तन कच्चे रह जा रहे थे तो उसने यह बात एक पुजारी को बताई। उस पर पुजारी ने बताया कि किसी छोटे बच्चे की बलि से ही यह समस्या दूर हो जाएगी। इसके बाद उस कुम्हार ने एक बच्चे को पकड़कर आंवा में डाल दिया। वह सकट चौथ का दिन था। काफी खोजने के बाद भी जब उसकी मां को उसका बेटा नहीं मिला तो उसने गणेश जी के समक्ष सच्चे मन से प्रार्थना की। उधर जब कुम्हार ने सुबह उठकर देखा तो आंवा में उसके बर्तन तो पक गए लेकिन बच्चा भी सुरक्षित था।

इस घटना के बाद कुम्हार डर गया और राजा के समक्ष पहुंच पूरी कहानी बताई। इसके पश्चात राजा ने बच्चे और उसकी मां को बुलवाया तो मां ने संकटों को दूर करने वाले सकट चौथ की महिमा का वर्णन किया। तभी से महिलाएं अपनी संतान और परिवार के सौभाग्य और लंबी आयु के लिए व्रत को करने लगीं।

 

sakat chauth 2019: 24 जनवरी को है सकट चौथ का व्रत, जानें इसका महत्व

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