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22 फरवरी, 2020|11:52|IST

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न्याय के देवता शनिदेव से डरें नहीं बल्कि इन 6 उपायों से करें उनकी स्तुति, 30 साल बाद मकर राशि में होगा प्रवेश  

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शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है।  वहीं, उनकी छवि अत्यंत क्रोधित रहने वाले देवता के रूप में भी मानी गई है। यही कारण है कि 24 जनवरी को शनि के मकर में प्रवेश करने से कई लोग इसे अशुभ का संकेत मान रहे हैं लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि शनिदेव को अन्याय करने वाले लोगों पर ही क्रोध आता है। ऐसे में 30 साल बाद शनि के मकर राशि के प्रवेश के साथ ही कुंभ राशि वालों की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। ऐसे में अपने कर्मों को बेहतर बनाते हुए शनिदेव की तिरछी दृष्टि से बचने के लिए आपको शनिवार के दिन कुछ उपाय करने चाहिए- 

 

पीपल के पेड़ के पास जलाएं दीया
यदि सूर्यास्त के समय पीपल के पेड़ के पास दिया जलाया जाये, तो शनिदेव की कृपा दृष्टि पड़ने लगती है। कोशिश करें, कि पेड़ किसी मंदिर में लगा हो अगर ऐसा पीपल के पेड़ में सूर्य अस्त होते समय दीया जलाया जाए, शनि की महादशा समाप्त होने लगती है। 

 

शनिवार को करें तेल दान
शनिवार के दिन सुबह उठकर होकर स्नान करें, उसके बाद एक कटोरी तेल से भरे और उस तेल में अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को शनिवार को ही किसी गरीब या जिसे जरूरत हो उसे दान कर दें।  वैसे भी शनिवार को तेल का दान करना शनिदेव को प्रसन्न करने का उपाय बताया गया है। 

 

इस मंत्र का करें जाप
अगर आप फूल नहीं चढ़ा सकते और सुबह तेल दान नहीं कर सकते, तो आप रुद्राक्ष की माला लेकर एक सौ आठ बार 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जप करें, शनिदेव की कृपा बनेगी और महादशा दूर होगी। 

 

 

 

 

हनुमान जी की करें पूजा
शनिदेव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि जो आपकी पूजा करेगा मेरी भी कृपा उस पर पड़ेगी, इसलिए हनुमान जी की पूजा करने को भी कहा जाता है।  लेकिन बहुत कम लोग जानते है की बंदरों को गुड चना खिलाने से भी हनुमान जी प्रसन्न होते हैं, क्योंकि उनकी पूजा बानर रूप में ही की जाती है। 

 

शनि को इस रंग का फूल चढ़ाएं 
अगर आप किसी शनि मंदिर में जाते हैं और अगर उनकी प्रतिमा पर फूल चढ़ाते हैं, तो ध्यान रखें कि नीले रंग के फूल चढ़ाएं।  उन्हें ये प्रिय है।  शनिवार को दान पुण्य करने से भी शनि की कृपा बनती है।  इसके अलावा मन साफ रखें, गलत विचार मन में ना लाएं और किसी पर अत्याचार ना करें।  दूसरों की मदद करें शनिदेव न्याय के देवता हैं, ऐसे में वो अपने भक्तों के साथ हमेशा अच्छा ही करते हैं। 

 

जानवरों पर न करें अत्याचार 
अक्सर लोगों की आदत होती है कि जानवरों को अपने से कमजोर समझते हुए उन्हें मारते, पीटते हैं जबकि उनका ऐसा करना हर लिहाज से गलत है। जानवरों को प्रताड़ित करना कानून की नजर में दंडनीय होने के साथ ही शास्त्रों में भी पाप माना गया है, ऐसे लोगों को शनिदेव कभी माफ नहीं करते। 
 

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  • Web Title:sade sati start in kumbh rashi from 24 january know how to worship shanidev