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मकर संक्रांति 2018: जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पर्व का महत्व

मकर संक्रांति 2018: जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पर्व का महत्व

1/2 मकर संक्रांति 2018: जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पर्व का महत्व

मकर संक्रांति के दिन सूर्य दक्ष‍िणायन से उत्तरायण होते हैं। इस दिन तड़के स्‍नान कर सूर्य उपासना का विशेष महत्‍व है। मकर संक्रांति के मौके पर खिचड़ी और तिल-गुड़ दान देने का विधान है।

पंडित केदार मुरारी के अनुसार मकर संक्रांति के दिन दिन सूर्य उत्तरायण होता है यानी कि पृथ्‍वी का उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की ओर मुड़ जाता है। परंपराओं के मुताबिक इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। देश के विभिन्‍न राज्‍यों में इस पर्व को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। हालांकि प्रत्‍येक राज्‍य में इसे मनाने का तरीका जुदा भले ही हो, लेकिन सब जगह सूर्य की उपासना जरूर की जाती है। लगभग 80 साल पहले उन दिनों के पंचांगों के अनुसार मकर संक्रांति 12 या 13 जनवरी को मनाई जाती थी, लेकिन अब विषुवतों के अग्रगमन के चलते इसे 13 या 14 जनवरी को मनाया जाता है। इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को बनाया जायेगा।

शुभ मुहूर्त

साल 2018 में मकर संक्रांति 14 जनवरी 2018, रविवार के दिन मनाई जाएगी.

पुण्य काल मुहूर्त- रात 02:00 बजे से सुबह 05:41 तक

मुहूर्त की अवधि- 3 घंटा 41 मिनट

संक्रांति समय- रात 02:00 बजे

महापुण्य काल मुहूर्त- 02:00 बजे से 02:24 तक

मुहूर्त की अवधि- 23 मिनट

 

क्‍या है मकर संक्रांति? 

सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में जाने को ही संक्रांति कहते हैं। एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का समय ही सौर मास है। एक जगह से दूसरी जगह जाने अथवा एक-दूसरे का मिलना ही संक्रांति होती है. हालांकि कुल 12 सूर्य संक्रांति हैं, लेकिन इनमें से मेष, कर्क, तुला और मकर संक्रांति प्रमुख हैं।

क्‍यों मनाई जाती है मकर संक्रांति?

सूर्यदेव जब धनु राशि से मकर पर पहुंचते हैं तो मकर संक्रांति मनाई जाती है। सूर्य के धनु राशि से मकर राशि पर जाने का महत्व इसलिए अधिक है क्‍योंकि इस समय सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाता है। उत्तरायण देवताओं का दिन माना जाता है। मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त में स्‍नान और दान-पुण्य करने का विशेष महत्‍व है। इस द‍िन ख‍िचड़ी का भोग लगाया जाता है। यही नहीं कई जगहों पर तो मृत पूर्वजों की आत्‍मा की शांति के लिए ख‍िचड़ी दान करने का भी व‍िधान है। मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ का प्रसाद भी बांटा जाता है। कई जगहों पर पतंगें उड़ाने की भी परंपरा है।

आगे पढें- इसका महत्व, पूजा विधि और मंत्र

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  • Web Title:read the shubh muhurat and puja widhi of makar sankranti 2018
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