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रवि पुष्य संयोग: रविवार को है पुष्य नक्षत्र, करें ये उपाय होगा धन लाभ

 रवि पुष्य नक्षत्र
रवि पुष्य नक्षत्र

नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इस बार पुष्य नक्षत्र 20 मई को है। यह अत्यन्त शुभ नक्षत्र है। प्रभु श्रीराम का जन्म-नक्षत्र होने के कारण पुष्य नक्षत्र की विशेष प्रतिष्ठा है। पुष्य नक्षत्र जब गुरुवार एवं रविवार के दिन होता है तब इसे गुरु-पुष्य व रवि-पुष्य संयोग के नाम से जाना जाता है। यह सभी कार्यों के लिए शुभ व श्रेष्ठ मुहूर्त होता है। वर्ष 2018 में केवल 3 रवि-पुष्य और 2 गुरु-पुष्य संयोग बन रहे हैं। 

रवि-पुष्य

वर्ष 2018 का पहला रवि-पुष्य शुभ संयोग दिनांक 22 अप्रैल 2018 को बनने जा रहा है। इसके अतिरिक्त 20 मई 2018 एवं 17 जून 2018 को भी रवि-पुष्य शुभ संयोग बनेगा।

अगली स्लाइड में जानें क्यों खास है रवि-पुष्य संयोग 

क्यों खास है रवि-पुष्य संयोग 
क्यों खास है रवि-पुष्य संयोग 

क्यों खास है रवि-पुष्य संयोग 

ज्योतिष शास्त्र में यह नक्षत्र कार्य पुण्यदायी और तुरंत फल देने वाला होता है। इस दिन खरीदी करने का विशेष महत्व माना गया है। इस संयोग में किया गया शुभ कार्य अनंत गुना फलदायी होता है। पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति हैं इसलिए इस दिन पीली धातु जैसे सोना खरीदना अत्यंत शुभ होता है। इस दिन किए गए मंत्र जाप तुरंत फलदायी होते हैं।

करें ये उपाय

1. यदि रवि पुष्य नक्षत्र पर मोती शंख में जल भर कर लक्ष्मी की मूर्ति के पास रखा जाए तो अन्नपूर्णना देवी खुशा होती है।

2. इस दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दें और ऊं घृणि: सूर्याय नम: मंत्र की एक माला जाप करें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। इससे आयु और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

3. इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करते हुए चांदी का सिक्का रखें। बाद में इसे तिजोरी में रख दें। इससे धन लाभ होगा।

4. रवि पुष्य नक्षत्र खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ दिन होता है। इस दिन स्वर्ण खरीदने से होता है।

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  • Web Title:Ravi Pushya Nakshatra 2018 on 25th may