Rangbhari ekadashi : रंगभरी एकादशी आज, गौरा संग खेलन गुलाल, शंकर आए ससुराल, दोपहर में होगी सप्तऋषि आरती

निज संवाददाता, वाराणसी
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औघड़दानी भूतभावन को राजसी ठाटबाट में देखने के लिए काशी और काशीवासी दोनों आतुर हैं। रंगभरी एकादशी, बुधवार को बाबा विश्वनाथ राजसी वेशभूषा में माता गौरा को उनके मायके से विदा कराकर कैलाश लौटेंगे। गौना...

Rangbhari ekadashi : रंगभरी एकादशी आज, गौरा संग खेलन गुलाल, शंकर आए ससुराल, दोपहर में होगी सप्तऋषि आरती

औघड़दानी भूतभावन को राजसी ठाटबाट में देखने के लिए काशी और काशीवासी दोनों आतुर हैं। रंगभरी एकादशी, बुधवार को बाबा विश्वनाथ राजसी वेशभूषा में माता गौरा को उनके मायके से विदा कराकर कैलाश लौटेंगे। गौना बारात के साथ मंगलवार शाम ससुराल पहुंचे बाबा का फल, मेवा और खास ‘रंगभरी ठंडई’ से पारंपरिक मगर दिव्य स्वागत हुआ। ससुराल प्रवास के दौरान बाबा अबीर-गुलाल से रंगोत्सव का आनंद लेंगे। इसी के साथ शिवनगरी में रंगोत्सव की सतरंगी शुरुआत होगी। 

बाबा विश्वनाथ के आगमन के उपलक्ष्य में पं. ज्योतिशंकर त्रिपाठी एवं पं. श्रीशंकर त्रिपाठी ‘धन्नी महाराज’ के संयुक्त आचार्यत्व में विधान पूर्ण हुए। बाबा के अभिषेक के बाद वैदिक सूक्तों का पाठ हुआ। फिर शिव-पार्वती की गोद में प्रथम पूज्य गणेश की रजत प्रतिमा विराजमान कराया गया। पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के सानिध्य में हुए अनुष्ठान के बाद पं. वाचस्पति तिवारी ने भोग आरती की। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। महंत आवास गौने के बधाई गीतों से गूंजता रहा। इस अवसर पर श्रीकाशी विश्वनाथ महाकाल डमरु सेवा समिति के सदस्यों ने मनोज अग्रहरि के नेतृत्व में डमरु वादन किया। शिव बारात समिति के दिलीप सिंह, मैं ब्राह्मण हूं संस्था के अध्यक्ष अजीत त्रिपाठी, मनोज शुक्ल और अनुराग पाण्डेय ने बाबा की आरती उतारी। 

महंत आवास पर आज उत्सव का क्रम
रंगभरी एकादशी 24 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में महंत आवास पर बाबा के साथ माता गौरा की चल प्रतिमा का पंचगव्य तथा पंचामृत स्नान के बाद दुग्धाभिषेक होगा। सुबह पांच से साढ़े आठ बजे तक 11 ब्राह्मण षोडशोपचार पूजन के बाद फलाहार का भोग लगाएंगे। आरती उतारेंगे। सुबह दस बजे चल प्रतिमाओं के राजसी शृंगार एवं पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे भोग आरती के बाद पालकी का आम दर्शन शुरू होगा। इससे पूर्व प्रात: साढ़े दस बजे से  शिवांजलि संगीत समारोह होगा। इसमें पं. अमित त्रिवेदी के रुद्रनाद बैंड सहित कई कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। शाम पौने पांच बजे बाबा की पालकी शोभायात्रा टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से विश्वनाथ मंदिर तक निकाली जाएगी। इससे पहले राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी और रवींद्र जायसवाल, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, डीएम कौशलराज शर्मा भी अलग-अलग समय पर आरती-दर्शन के लिए आएंगे। डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए शिवांजलि संगीत समारोह के प्रारूप में बदलाव हुआ है। 

दोपहर में होगी सप्तऋषि आरती
रंगभरी एकादशी के विशिष्ट अनुष्ठानों के कारण विश्वनाथ मंदिर में प्रत्येक संध्या में होने वाली सप्तऋषि आरती बुधवार अपराह्न तीन बजे से होगी। रात्रि साढ़े नौ बजे होने वाली भोग आरती शाम पांच बजे की जाएगी। 
रंगभरी का आयोजन एक नजर में
प्रात: 3:30 से 04:30 तक स्नान व पूजन 
प्रात: 4:30 से 6:00 तक अभिषेक
प्रात: 6:30 से 8 :30 तक मातृका पूजन 
प्रात: 8 :30 बजे ये विशेष राजसी शृंगार 
पूर्वाह्न 10:30 बजे से शिवांजलि संगीत समारोह 
पूर्वाह्न: 11:30 बजे भोग आरती 
पूर्वाह्न: 11 बजे महंत आवास में बाबा का पालकी दर्शन 
शाम:  4:45 बजे टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से मंदिर के लिए पालकी प्रस्थान

Anuradha Pandey

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जानें Sawan 2026, Rashifal और Panchang की सटीक जानकारी। रोजाना पूजा-पाठ के लिए पढ़ें Shiv Chalisa, Shiv Aarti, Shiv Mahamrityunjaya Mantra, Shiv Stuti, Hanuman Chalisa और Bajrang Baan
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