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30 मई, 2020|8:20|IST

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रामायण : कैकेयी को महर्षि दुर्वासा ने दिया था ऐसा वरदान, जो बना श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास का कारण

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रामायण का सार तो सभी जानते हैं लेकिन रामायण में ऐसी कई कहानियां है, जिनके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। ऐसी ही एक कहानी है राजा दशरथ की पत्नी कैकेयी को वरदान मिलने से जुड़ी हुई है। इस वरदान के कारण ही कैकेयी श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास भेज पाने में सफल रही थीं। आइए, जानते हैं कैसे मिला था कैकेयी को यह श्राप- 


रानी कैकेयी को कैसे मिला वरदान 
विवाह से पहले कैकेयी महर्षि दुर्वासा की सेवा किया करती थीं। कैकेयी की सेवा से प्रसन्न होकर महर्षि दुर्वासा ने कैकेयी का एक हाथ बज्र का बना दिया और आशीर्वाद दिया कि भविष्य में भगवान तुम्हारी गोद में खेलेंगे। समय का पहिया चलता रहा और कैकेयी का विवाह राजा दशरथ से हो गया। एक समय स्वर्ग में देवासुर संग्राम आरंभ हो गया। देवराज इंद्र ने राजा दशरथ को सहायता के लिए बुलाया। रानी कैकेयी भी महाराज की रक्षा के लिए सारथी बनकर देवासुर संग्राम में पहुंच गईं। युद्ध के दौरान दशरथजी के रथ के पहिए से कील निकल गया और रथ लड़खड़ाने लगा। ऐसे में कैकेयी ने कील की जगह अपनी उंगली लगा दी, जिससे राजा दशरथ के प्राण बच गए। 

 

राजा ने ऐसे पूरी की मनोकामना 
राजा दशरथ कैकेयी की वीरता और साहस से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कैकेयी को मनोकामना पूरी करने का वरदान दिया लेकिन कैकेयी ने प्रेमवश राजा से समय आने पर मनोकामना मांगने की बात कहकर टाल दिया। समय आने पर कैकेयी ने इस वचन की बात याद दिलाकर श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास और अपने पुत्र भरत के लिए राजगद्दी मांग ली। इस प्रकार कैकेयी का वरदान श्रीराम के लिए 14 वर्ष के वनवास का कारण बना। 
 

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  • Web Title:ramayan story know about sage durvasa secret boon to kaikayi