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Ramadan 2019: आज है पहला रोजा, कल रात दिखा चांद

ramadan 2019

Ramadan 2019: रमजान उल मुबारक का चांद 5 मई को नहीं दिखा था। जिसकी वजह से रमजान का पहला रोजा मंगलवार 7 मई से रखा जाएगा। यह घोषणा दारुल कजा इमारत-ए-शरिया फुलवारीशरीफ के काजी-ए-शरियत मौलाना अब्दुल जलील कासमी ने दी है। मरकजी मजलिस रूयत हेलाल खानकाह मुजीबिया फुलवारीशरीफ और बिहार रियासत रूयत हेलाल कमेटी ने भी सूचना दी है कि देश के किसी कोने से चांद देखे जाने की कोई सूचना नहीं मिली है।

रमज़ान माह का एक एक मिनट बहुत क़ीमती होता है। रमज़ान रहमत बरकत और मगफिरत का महीना है। इस पूरे महीने में मुसलमान भूखा प्यासा और बुरे कामों से तौबा कर हर अच्छे से अच्छे कार्य करने के साथ रोजे रखते हैं। सहारनपुर के इमाम एवं जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक कारी इसहाक गोरा ने बताया कि अल्लाह ने मुसलमानों पर रोजे इसलिए फर्ज फरमाए हैं जिससे अपने अंदर तकवा परहेज़गारी पैदा कर सके। क़ारी इसहाक़ गोरा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भूखा प्यासा रहता है और बुरे काम नहीं छोड़ता तो उसका रोजा सिर्फ फांके के सिवा कुछ नहीं है। अल्लाह को ऐसे लोगों के रोजे पसंद नहीं जो बुरे काम न छोड़े। अल्लाह रमजान में हर इंसान को मौका देता है कि वह अपने बुरे कामों से तौबा करे और अच्छे काम करने की ऐहेद करें। रमजान में हर नेक और बुरे काम का बदला 70 गुना अधिक होता है। शरीयत की किताबों में आया है यदि कोई व्यक्ति रमजान में बुरे कार्य करता है तो उसके बुरे कामों का बदला 70 गुना अधिक मिलेगा और इसी तरह अच्छे काम करेगा तो उसको 70 गुना अधिक सवाब मिलेगा।

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  • Web Title:ramadan 2019 today chand of ramazan not seen first roza will be on tuesday 7 may
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