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Ramadan 2019: आज है पहला रोजा, जानें इफ्तार का समय

Ramadan 2019: 6 मई की शाम को रमजान का चांद दिख जाने के बाद माह-ए-रमजान की शुरुआत हो गई है और पहला रोजा 7 मई को है। कुरआन शरीफ में अल्लाह फरमाता है, हमने तुम पर रोजे फर्ज किए जैसे तुमसे पहली उम्मतों पर फर्ज किए थे। रमजान के रोजे फर्ज (अनिवार्य हर बालिग और तंदरुस्त पर) हैं। सवेरे सहरी खाना सुन्नत है और रोजे रखना फर्ज। इस महीने कुरआन शरीफ नाजिल हुआ था। इसलिए भी यह पूरा महीना इबादत का है।

7 मई को इफ्तार का समय

सुन्नीः 06.59 बजे शाम

शियाः 07.11 बजे शाम

रमजान में इस साल भी रोजेदारों का कड़ा इम्तिहान होगा। लगभग सभी रोजे 15 घंटे से अधिक के होंगे। पिछली बार की तुलना में इस बार 14 मिनट कम हुए हैं, लेकिन गर्मी का आलम यही रहना है। अभी तक यही माना जा रहा है कि इस बार 29 का चांद होगा। ईद 4 या 5 जून को होगी। शिया के सहरी और इफ्तार के समय में अंतर और भी बढ़ जाएगा। रमजान का आखिरी शुक्रवार यानी जुमा 31 मई को होगा। दिल्ली में सहरी 3.51 बजे तड़के होगी और इफ्तार 7.15 बजे होगा। वहीं, कुछ जगह यह अवधि 3.39 बजे प्रात: से 7.11 बजे तक रहने की संभावना है।

सहरी बहुत जल्द
सहरी खाकर और रोजे की नीयत करके ही रोजों की शुरुआत होती है। इस बार कहीं सहरी का वक्त 3.57 बजे है, तो कहीं पर 4.07 बजे। तहाज्जुद की नमाज के थोड़े समय बाद ही सहरी शुरू हो जाएगी। इफ्तार का वक्त शाम 7 बजे के आसपास है। यानी, पूरी शिद्दत के साथ इस बार रोजे होंगे। भूख, प्यास, सब्र का इम्तिहान होगा।

रमजान की तीन अशरे
रमजान के महीने को तीन अशरों में बांटा गया है। पहले 10 दिन को पहला अशरा कहते हैं जो रहमत का है। दूसरा अशरा अगले 10 दिन को कहते हैं जो मगफिरत का है और तीसरा अशरा आखिरी 10 दिन को कहा जाता है जो कि जहन्नम से आजादी का है। रमजान रम्ज से बना है। इसका अर्थ है सोम यानी भूख-प्यास और सोहबत से अपने को रोकना और अल्लाह की इबादत में डूब जाना।

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  • Web Title:ramadan 2019 ramazan chand seen tomorrow is first roza
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