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Rahu Rashi Parivartan: मिथुन वालों के लिए राहु परिवर्तन लाभ में वृद्धि, परिवर्तन का योग लाने वाला, बड़े कामों में बड़ी सफलता की संभावना

Rahu gochar: राहु अपने इस गोचरीय परिवर्तन में रेवती नक्षत्र की सभी चरणों पर उत्तरा भाद्रपद के सभी चरणों पर तथा पूर्वाभाद्रपद के चतुर्थ चरण पर गोचर करते हुए अपने प्रभाव में परिवर्तन भी करता रहेगा। राहु

Rahu Rashi Parivartan: मिथुन वालों के लिए राहु परिवर्तन लाभ में वृद्धि, परिवर्तन का योग लाने वाला, बड़े कामों में बड़ी सफलता की संभावना
Anuradha Pandeyज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी,नई दिल्लीWed, 08 Nov 2023 09:58 PM
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Rahu Rashi Parivartan: राहु एवं केतु का गोचर के दृष्टिकोण से देखा जाए तो अक्टूबर महीने में बहुत बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। राहु 30 अक्टूबर 2023 को सायं 4:35 बजे के लगभग मंगल की राशि मेष को छोड़कर देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में गोचर कर रहे हैं और केतु इसी समय शुक्र की राशि तुला को छोड़कर बुध की राशि कन्या में प्रवेश कर गए हैं। दोनों ग्रह 18 मई 2025 तक मीन एवं कन्या राशि में गोचर करके अपना प्रभाव स्थापित करेंगे । दोनों ग्रह राशि परिवर्तन करके चराचर जगत एवं सभी व्यवस्थाओं पर अपना व्यापक प्रभाव स्थापित करेंगे। साथ ही साथ प्रत्येक व्यक्ति पर भी अपना प्रभाव स्थापित करेंगे । इस दौरान चित्रा नक्षत्र के दो चरण प्रथम एवं द्वितीय हस्त नक्षत्र के चारों चरण तथा उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के तीन चरण चतुर्थ चतुर्थी एवं द्वितीय में गोचर करते हुए अपने प्रभाव में परिवर्तन करता रहेगा। राहु केतु के इस परिवर्तन में दोनों ग्रहों के प्रभाव एक साथ देखे जाएंगे । 

मिथुन लग्न में राहु जहाँ मीन राशि में अर्थात दशम भाव में गोचर आरंभ करेगा । वही केतु चतुर्थ भाव अर्थात सुख के भाव में गोचर आरंभ करेगा। राहु एवं केतु दोनों लगभग 18 महीने अर्थात 18 में 2025 तक अपना प्रभाव स्थापित करेंगे । यद्यपि कि इस दौरान विभिन्न नक्षत्र पर गोचर करते हुए अपने परिणामों में परिवर्तन भी करेंगे । मीन राशि में गोचर करते हुए राहु की पंचम दृष्टि वाणी भाव कर्क राशि पर होगा, सप्तम दृष्टि चतुर्थ भाव कन्या राशि पर होगा तथा नवम दृष्टि छठे भाव वृश्चिक राशि पर होगा । मिथुन लग्न के जातकों पर भी व्यापक प्रभाव स्थापित करते हुए निम्न प्रभाव स्थापित करेंगे :-

उद्योग व्यापार में परिवर्तन का योग बनेगा । लाभ में वृद्धि के साथ साथ परिवर्तन का योग बनेगा । सामाजिक वर्चस्व में वृद्धि होगा। बड़े कामों में बड़ी सफलता मिलने की संभावना बनेगी । यश कीर्ति में वृद्धि होगा। लोगों की सहानुभूति से चुनाव में विजय की स्थिति बन सकता है । नौकरी में प्रगति एवं परिवर्तन का पूर्ण योग बनेगा । आकस्मिक रूप से पद वृद्धि या परिवर्तन की स्थिति बनेगी। बड़ों की की मदद से बड़े कार्य बन सकते हैं । अदालतीं कार्यों में जीत की स्थिति बनेगी । अधिकारियों की अनुकूलता से कार्य स्थल पर सकारात्मक बनी रहेगी। धन वृद्धि का योग बनेगा। पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पैर में चोट अथवा दर्द की स्थिति भी बनेगी । दांतों की समस्या भी संभव होगा । यात्रा खर्च में वृद्धि भी होगा। सीने की तकलीफ जैसे कफ़, सर्दी, खांसी, एलर्जी तथा घबराहट में वृद्धि होगा। गृह एवं वाहन पर खर्च अथवा क्षति की स्थिति बनेगी । माता को चोट अथवा ऑपरेशन का योग भी बन सकता है। वाणी में तीव्रता की स्थिति बनेगी। गृह निर्माण पर खर्च का योग बनेगा। साथ ही साथ घर से दूरी की भी स्थिति बन सकती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में जीत की स्थिति बनेगी, पुराने मुकदमों में विजय का योग बनेगा ।

पुराने रोग समाप्त होंगे । परंतु नए रोग से परेशानी की संभावना बन सकती है । यात्रा खर्च में वृद्धि हो सकता है । पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता की स्थिति भी बनेगी ।पिता को चोट अथवा ऑपरेशन का भी योग बन सकता है । इस यदि इस अवधि में मूल कुंडली के अनुसार राहु की दशा या अंतर्दशा चल रही है तो निश्चित तौर पर राहु के शांति का उपाय कर लेना चाहिए। साथ ही यदि राहु मूल कुंडली के अनुसार तीसरे छठे एवं एकादश भाव में विद्यमान है तो राहु अपने इस गोचर के साथ बड़ी उपलब्धि प्रदान कर देगा। राजनीतिक, सामाजिक, धन, व्यापार तथा प्रतियोगिता के क्षेत्र में बड़ी सफलता भी प्रदान कर सकता है।

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