ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News AstrologyPradosh Vrat In November 2023 Date time Shubh muhurat and poojavidhi of pradosh vrat 2023

Pradosh Vrat: नवंबर महीने का पहला प्रदोष व्रत कब है? नोट कर लें शुभ मुहूर्त, पूजाविधि और धन लाभ के विशेष उपाय

Pradosh Vray In Kartik Maah: कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष का पहला प्रदोष व्रत 10 नवंबर दिन शुक्रवार को पड़ रहा है। धार्मिक मान्यता है कि इस किए गए खास उपायों से शिवजी और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

Pradosh Vrat: नवंबर महीने का पहला प्रदोष व्रत कब है? नोट कर लें शुभ मुहूर्त, पूजाविधि और धन लाभ के विशेष उपाय
Arti Tripathiलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 05 Nov 2023 06:13 AM
ऐप पर पढ़ें

Pradosh Vrat In Novemeber 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान शिव की विधिविधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दौरान प्रदोष काल में शिव पूजन करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और जातक के सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। इस बार प्रदोष व्रत शुक्रवार को पड़ेगा। इसलिए इसे शुक्र प्रदोष व्रत भी कहा जाएगा। नवबंर महीने का पहला प्रदोष बहुत खास माना जा रहा है। इस दिन धनतेरस भी मनाया जाएगा। कहा जाता है कि धनतरेस और शुक्र प्रदोष व्रत के शुभ संयोग में भगवान शिव के साथ लक्ष्मी माता की पूजा-अर्चना करने से धन की तंगी दूर होती है और धन-दौलत में बरकत होती है। आइए कार्तिक माह के पहले प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त, पूजाविधि और उपाय जानते हैं।

कब है कार्तिक माह का पहला प्रदोष व्रत?

हिंदू पंचांग के अनुसार, 29 अक्टूबर 2023 से कार्तिक माह की शुरुआत हो चुकी है। इस महीने में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 10 नवंबर 2023 को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर आरंभ होगी और 11 नवंबर 2023 को दोपहर 1 बजकर 57 मिनट तक रहेगी। प्रदोष व्रत में प्रदोष काल पूजा का बड़ा महत्व है। इसलिए 10 नवंबर 2023 को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस दिन शाम 5 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 8 मिनट तक प्रदोष काल पूजा का शुभ मुहूर्त बन रहा है।

प्रदोष व्रत की पूजाविधि:

प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठें। स्नानादि के बाद साफ कपड़े पहनें।
मंदिर साफ करें और शिवजी की प्रतिमा के समझ दीपक जलाएं।
शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। भोलेनाथ की विधिविधान से पूजा करें।
इसके बाद शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग पर फिर से जलाभिषेक करें।
शिवजी को बेलपत्र, धतूरा और आक के फूल अर्पित करें।
इसके बाद सभी देवी-देवताओं के साथ भोलेनाथ की आरती उतारें।

प्रदोष व्रत के उपाय:

शिवजी का शहद से जलाभिषेक करें: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, धन की तंगी का सामना करने वाले जातक को शुक्र प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर शहद अर्पित करना चाहिए। साथ ही 'ऊँ ऋणमुक्तेश्वराय नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय को करने से धन से जुड़ी सभी दिक्कतों से छुटकारा मिलता है।

चावल और दूध का दान: मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दौरान मंदिर में साबुत चावल और दूध का दान करना चाहिए। ऐसा करने से जातक के सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है और तरक्की के मार्ग खुलते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें