ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News AstrologyPradosh Vrat 2024 This Pradosh fast is observed for Shani Pradosh for children and to attain wealth

Pradosh Vrat 2024: संतान के लिए शनि प्रदोष और धन प्राप्ति के लिए रखा जाता है यह प्रदोष व्रत

Pradosh Vrat 2024: गुरुवार के दिन होने वाले प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है। गुरु प्रदोष व्रत स्त्रियों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण होता है। ऐसा माना जाता है कि गुरु प्रदोष व्रत करने से दा

Pradosh Vrat 2024: संतान के लिए शनि प्रदोष और धन प्राप्ति के लिए रखा जाता है यह प्रदोष व्रत
Anuradha Pandeyज्योतिर्विद दिवाकर त्रिपाठी,नई दिल्लीWed, 21 Feb 2024 06:05 AM
ऐप पर पढ़ें

भगवान शिव की आराधना के लिए प्रदोष का व्रत अत्यंत श्रेष्ठ तथा शुभ फल प्रदायक माना जाता है। कलयुग में प्रदोष का व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है तथा व्यक्ति पापों से मुक्त हो जाता है। प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तथा शुक्ल पक्ष त्रयोदशी को प्रदोष व्रत होता है अर्थात प्रत्येक माह में दो प्रदोष व्रत होता है। इस प्रकार 1 वर्ष में कुल 24 प्रदोष व्रत हो जाते हैं। परंतु अधिक मास की स्थिति में प्रदोष व्रत की संख्या 26 हो जाती है। इस कारण से यदि 11 अथवा 26 की संख्या में प्रदोष व्रत करके पूर्ण विधि विधान के साथ उद्यापन किया जाए तो व्यक्ति को भगवान शिव एवं माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है।  प्रदोष व्रत का दिनों के अनुसार प्रदोष व्रत का अलग-अलग महत्व शास्त्रों में बताया गया है । पंच प्रदोषों का विशेष महत्व शास्त्रों में बताया गया है:- 
(1) रवि प्रदोष व्रत :- रविवार के दिन यदि प्रदोष व्रत पड़ता है तब उसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाता है। रवि प्रदोष व्रत दीर्घायु तथा आरोग्यता प्राप्ति के साथ-साथ यह संतुष्टी प्रदान करने वाला माना जाता है। रवि प्रदोष व्रत को करने से व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य तथा यश कीर्ति की प्राप्ति होती है।

(2) सोम प्रदोष व्रत :- सोमवार के दिन प्रदोष व्रत पडने के कारण सोम प्रदोष कहा जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि सोम प्रदोष व्रत को करने से व्यक्ति को अभीष्ट की सिद्धि होती है। अर्थात व्यक्ति के मन में जो इच्छा होती है उसकी पूर्ति होती है। चाहे वह इच्छा धन संबंधित हो, संतान संबंधित हो, चाहे रोजगार संबंधित हो, नौकरी संबंधित हो अथवा किसी भी प्रकार की इच्छा यदि है तो सोम व्रत करने से व्यक्ति की इच्छा पूर्ण होती है। 

(3) भौम प्रदोष व्रत:- मंगलवार के दिन प्रदोष व्रत पडने के कारण भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार भौम प्रदोष व्रत कर्ज मुक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि व्यक्ति अपने जीवन में किसी भी प्रकार के कर्ज से पीड़ित है तो उसे भौम प्रदोष व्रत पूर्ण विधि विधान के साथ करना चाहिए। इससे निश्चित ही उसके जीवन में कर्ज से मुक्ति प्राप्त हो सकती है।

(4) गुरु प्रदोष व्रत:- गुरुवार के दिन होने वाले प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है। गुरु प्रदोष व्रत स्त्रियों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण होता है। ऐसा माना जाता है कि गुरु प्रदोष व्रत करने से दांपत्य सुख, पति का सुख तथा सौभाग्य की प्राप्ति होती है। 

(5) शनि प्रदोष व्रत:- शनिवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ने के शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है। शनि प्रदोष व्रत संतान की प्राप्ति, संतान की उन्नति व संतान के कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। शनि प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को संतान से संबंधित सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें