Pitru Dosh 2019: जानें क्या होता है पितृदोष, ऐसे करें पहचान और बचाव के उपाय - pitru dosh jaanen kya hota hai pitrdosh aise karen pahachaan aur bachaav DA Image

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Pitru Dosh 2019: जानें क्या होता है पितृदोष, ऐसे करें पहचान और बचाव के उपाय

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Sharad 2019 Pitru Dosh- कुंडली देखते समय अक्सर ज्योतिषी कई लोगों को पितृदोष से पीड़ित बताते हैं, पर क्या आप जानते हैं आखिर ये पितृदोष होता क्या है। 13 सितंबर यानी शुक्रवार से पितृपक्ष शुरु हो गए हैं जो 28 सितंबर शनिवार आश्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या तक रहेंगे। श्राद्ध कर्म के दौरान लोग अपने पितरों के लिए पिंडदान, तर्पण, हवन और अन्न दान करते हैं।

पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का ये सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। बात अगर पितृदोष की करें तो व्यक्ति की कुंडली के नवम भाव को पूर्वजों का स्‍थान माना जाता है और नवग्रह में सूर्य स्‍पष्‍ट रूप से पूर्वजों के प्रतीक माने जाते हैं। जिस व्यक्ति की कुंडली में सूर्य बुरे ग्रहों के साथ विराजमान होते हैं या फिर सूर्य पर बुरे ग्रहों की दृष्टि पड़ रही होती है उस कुंडली में पितृदोष होता है।    

आइए जानते हैं किन लोगों की कुंडली में लगता है पितृदोष-

1-गरुड़ पुराण के अनुसार जिन परिवारों में लोग अपने पितरों की पूजा और श्राद्ध नहीं करते हैं, उन्‍हें पितृदोष लग जाता है।
2-पीपल के पेड़ पर पूर्वजों का वास माना जाता है। ऐसे में पीपल के पेड़ को काटने या फिर उसके नीचे अशुद्धि फैलाने से भी पितृदोष लगता है।
3-अगर पिता या माता की मृत्यु के बाद व्यक्ति दूसरे जीवित परिजन का अनादर करता है तो भी पितृदोष लगता है।

पितृदोष की ऐसे करें पहचान-
- यदि व्यक्ति के घर में लगातार धन की कमी बनी रहती है तो उसकी कुंडली में पितृदोष हो सकता है। 
-यदि घऱ के किसी व्यक्ति की शादी में बार-बार दिक्कतें आ रही हो तो भी उसकी कुंडली में पितृदोष हो सकता है। 
-परिवार में हमेशा कलह का वातावरण बने रहना भी पितृदोष की तरफ इशारा करता है। 
-यदि घर में हर समय कोई न कोई हमेशा बीमार बना रहता है तो भी घऱ में पितृ शांति के उपाय करने चाहिए।

पितृ दोष दूर करने के लिए करें ये उपाय-
-यदि कोई व्यक्ति पितृ दोष से पीड़ित है तो इससे मुक्ति पाने के लिए उसे किसी भी अमावस्या, पूर्णिमा या पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ तृप्त होकर उस व्यक्ति को धन और सुखी जीवन का आशीर्वाद देते हैं।

-इसके अलावा घर की महिलाएं रोजाना स्‍नान करने के बाद ही रसोई में भोजन बनाने के लिए जाएं। खाने की पहली रोटी गौ माता के लिए निकालकर उस पर गुड़ रखकर गाय को खिलाना चाहिए। 

-इसके अलावा घर में पीने के पानी के स्‍थान को हमेशा साफ-सुथरा रखें। इसे पितरों का स्‍थान माना जाता है।

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