DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ओणम : प्रजा से मिलने आते हैं राजा महाबली, लोग करते हैं भव्य स्वागत

केरल का प्रमुख त्योहार ओणम राजा महाबली के स्वागत में भव्यता से आयोजित किया जाता है। दस दिन तक चलने वाले इस उत्सव में केरल के प्रत्येक घर को फूलों से सजाया जाता है। इस त्योहार की विशेषता यह है कि लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना नहीं करते, घर में ही पूजा करते हैं। यह पर्व फसल पकने की खुशी में मनाया जाता है।

उल्लास और उत्साह के इस त्योहार के पीछे कथा है कि राजा महाबली अपनी प्रजा के लिए प्रतिबद्ध थे। उन्होंने देवराज इंद्र को हराकर स्वर्गलोक पर अधिकार कर लिया। देवराज का राज वापस दिलाने के लिए श्री हरि भगवान विष्णु ने वामन रूप में अवतार लिया। वह राजा महाबली के दरबार में पहुंचे और तीन कदम जगह मांगी। वामन भगवान ने अपने एक कदम में भू लोक तो दूसरे में आकाश को नाप लिया। अपने वचन को पूरा करने के लिए राजा ने वामन भगवान के समक्ष अपना सिर झुका दिया। वामन भगवान के कदम रखते ही महाबली पाताल लोक में चले गए। प्रजा के प्रति उनके स्नेह को देख भगवान विष्णु ने राजा महाबली को वरदान दिया कि वह वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने आ सकते हैं। मान्यता है कि ओणम के अवसर पर राजा महाबली अपनी प्रजा से मिलने आते हैं और प्रजा उनका भव्य स्वागत करती है। ओणम के दौरान महिलाएं घर में फूलों की रंगोली बनाती हैं। इस अवसर पर घरों में विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं और केले के पत्ते पर परोसे जाते हैं। यह त्योहार सभी के घरों को खुशहाली से भर देता है। लोग इस त्योहार पर श्रावण देवता और पुष्पदेवी की आराधना करते हैं।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Onam
Astro Buddy