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Nirjala ekadashi 2019: जानें कब है निर्जला एकादशी, क्या है इस व्रत का महत्व

nirjala ekadashi 2019

निर्जला एकादशी को पूरे वर्ष में आने वाली सभी 24 एकादशियों में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इस साल निर्जला एकादशी 13 जून को आ रही है। इस त्योहार के महत्व का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि किसी व्यक्ति से साल की सभी एकादशियों का व्रत छूट जाए और अगर वह सिर्फ निर्जला एकादशी का व्रत (Nirjala Ekadashi Vrat) ही कर ले तो उसे समस्त सभी एकादशियों का पुण्य फल मिल जाता है। निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) को भीमसेनी एकादशी (Bhimseni Ekadashi) के नाम से भी जाना जाता है। 

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इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अराधना का विशेष महत्व है। साथ ही एकादशी के सूर्योदय से द्वादशी के सूर्योदय तक निर्जल (बिना पानी के) व्रत रखने का महत्व है। कहते हैं कि निर्जला एकादशी पर उपवास रखकर आप पूरे वर्ष में आने वाली सभी 24 एकादशी का फल प्राप्त कर सकते हैं। आइए निर्जला एकादशी से जुड़ी कुछ अहम बातें जानते हैं।

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1. यह व्रत मन में जल संरक्षण की भावना को उजागर करता है। व्रत से जल की वास्तविक अहमियत का भी पता चलता है। इस उपवास में सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक पानी भी नहीं पिया जाता है। निर्जल यानी बिना पानी का ये व्रत निर्जला एकादशी कहलाता है।

2. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी पर व्रत रखने से चंद्रमा द्वारा उत्पन्न हुआ नकारात्मक प्रभाव समाप्त होता है। उपवास रखने से ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ती है।

3. भक्त पूरी रात जागकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। निर्जला एकादशी की रात को सोना वर्जित होता है, क्योंकि इससे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। भक्त इस दिन 'ओम नमोः भगवते वासुदेवाय' के मंत्र का जाप करते हैं। इस दिन गंगा स्नान आदि कार्य करना शुभ रहता है। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करके व्रत कथा अवश्य सुनना चाहिए। 

4. ब्राह्मणों को कपड़े, छाता, दूध, फल, तुलसी पत्तियां आदि दान करना शुभ माना जाता है।

5. चावल खाना इस दिन सख्त मना होता है। व्रत करने वाले साधक के लिए जल का सेवन करना निषेध है परंतु इस दिन मीठे जल का वितरण करना सर्वाधिक पुण्यकारी है।

 

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

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  • Web Title:nirjala ekadashi 2019 pooja vidhi vrat and importance and significance
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