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Nirjala ekadashi 2019: क्या निर्जला एकादशी में बिल्कुल नहीं पीना चाहिए पानी?

nirjala ekadashi 2019

निर्जला एकादशी में जल पीना मना है। केवल कुल्ला या आचमन करने के लिए मुख में जल डाल सकते हैं। इसके अलावा जल पीने से व्रत टूट जाता है। सूर्योदय से लेकर दूसरे दिन के सूर्योदय तक जल का त्याग करना चाहिए। 

ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इस बार यह 13 जून को है। भीम ने केवल यही एकादशी करके सारी एकादशियों का फल प्राप्त किया था। सनातन धर्म में श्री हरि को सर्वाधिक प्रिय एकादशी व्रत है। 

निर्जला एकादशी व्रत  के बारे में जरूर जान लें ये 5 बातें

कथा है- एक बार महर्षि व्यास से भीम ने कहा,‘भगवन! युधिष्ठिर, अर्जुन, नकुल, सहदेव, माता कुन्ती और द्रौपदी, सभी एकादशी व्रत करते हैं। मुझसे भी व्रत रखने को कहते हैं, परन्तु मैं तो बिना खाए रह नहीं सकता। मुझे तो कोई ऐसा व्रत बताइए, जिसे मैं कर सकूं और जिससे स्वर्ग की प्राप्ति भी हो। तब व्यास जी ने कहा- ‘कुंतीनंदन, धर्म की यही विशेषता है कि वह सबको धारण ही नहीं करता, बल्कि सबके योग्य साधन व्रत-नियमों की लचीली व्यवस्था भी करता है। ज्येष्ठ मास में सूर्य के वृष या मिथुन राशि में रहने पर शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी को तुम व्रत करो। श्री कृष्ण ने मुझे इस बारे में बताया था। इसे करने से तुम्हें वर्ष की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होगा और सुख, यश प्राप्त करने के बाद स्वर्ग भी मिलेगा।'

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भीम ने बडे़ साहस के साथ निर्जला एकादशी का व्रत किया, लेकिन इस कठिन व्रत के कारण सुबह होने तक वह बेहोश हो गए। तब गंगाजल, तुलसी चरणामृत, प्रसाद देकर अन्य पांडव उन्हें होश में लाए। भीम ने द्वादशी को स्नान आदि कर भगवान केशव की पूजा कर व्रत सम्पन्न किया। इसी कारण इसे भीमसेन एकादशी भी कहा जाता है। निर्जल रह कर ब्राह्मण या जरूरतमंद आदमी को हर हाल में शुद्ध पानी से भरा घड़ा इस मंत्र के साथ दान करना चाहिए-

देवदेव हृषीकेश संसारार्णवतारक। उदकुम्भप्रदानेन नय मां परमां गतिम् ।। 

अर्थात संसार सागर से तारने वाले देवदेव हृषीकेश! इस जल के घड़े का दान करने से आप मुझे परम गति की प्राप्ति कराइए।.

व्रती को ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप दिन-रात करते रहना चाहिए। साथ ही सामर्थ्य हो तो गर्मी में काम आने वाली वस्तुओं- वस्त्र, छाता, जूता, फल आदि का दान भी दक्षिणा सहित जरूर करना चाहिए।

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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  • Web Title:nirjala ekadashi 2019 know pooja vidhi and vrat and katha we should drink water or not
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