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हिंदी न्यूज़ धर्मNavratri : नवरात्रि में रोजाना करें मां की ये आरती, इन नियमों का जरूर करें पालन

Navratri : नवरात्रि में रोजाना करें मां की ये आरती, इन नियमों का जरूर करें पालन

maa durga ki aarti : नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा को समर्पित होता है। नवरात्रि के दौरान विधि- विधान से मां दुर्गा की उपासना की जाती है। मां दुर्गा की पूजा करने से सभी मनोकामना पूरी हो जाती है।

Navratri : नवरात्रि में रोजाना करें मां की ये आरती, इन नियमों का जरूर करें पालन
Yogesh Joshiलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 29 Sep 2022 02:42 PM

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नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा को समर्पित होता है। नवरात्रि के दौरान विधि- विधान से मां दुर्गा की उपासना की जाती है। मां दुर्गा की पूजा- अर्चना करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए मां दुर्गा की आरती जरूर करें। आगे पढ़ें मां दुर्गा की आरती- 

मां दुर्गा की आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥
जय अम्बे गौरी
माँग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्जवल से दोउ नैना, चन्द्रवदन नीको॥
जय अम्बे गौरी

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥
जय अम्बे गौरी
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी॥
जय अम्बे गौरी

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥
जय अम्बे गौरी
शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती॥
जय अम्बे गौरी

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥
जय अम्बे गौरी
ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी।
आगम-निगम-बखानी, तुम शिव पटरानी॥
जय अम्बे गौरी

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चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरूँ।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरु॥
जय अम्बे गौरी
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
भक्तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता॥
जय अम्बे गौरी

भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी।
मनवान्छित फल पावत, सेवत नर-नारी॥
जय अम्बे गौरी
कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥
जय अम्बे गौरी

श्री अम्बेजी की आरती, जो कोई नर गावै।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै॥
जय अम्बे गौरी

इन नियमों का करें पालन-

  • ब्रह्मचर्य का पालन करें। 
  • व्रती को काम, क्रोध, लोभ और मोह से दूर रहना चाहिए।
  • व्रत करने वाले को झूठ बोलने से बचना चाहिए और सत्य का पालन करना चाहिए।
  • व्रत में बार-बार जल पीने से बचना चाहिए और गुटखा, तंबाकू आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

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