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पंचांग-पुराणNavratri Kanya Pujan 2021: अष्टमी, नवमी को किया जाता है कन्या पूजन, जानिए डेट, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Yogesh Joshi
Tue, 20 Apr 2021 05:35 AM
Navratri Kanya Pujan 2021: अष्टमी, नवमी को किया जाता है कन्या पूजन, जानिए डेट, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 13 अप्रैल, 2021, मंगलवार से हो गई है। नवरात्रि के दौरान मां के नौ रूपों की पूजा- अर्चना की जाती है। नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस अष्टमी को दुर्गा अष्टमी या महाअष्टमी भी कहा जाता है। नवमी के दिन नवरात्रि का समापन होता है। चैत्र नवरात्रि के नवमी दिन राम नवमी भी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर ही भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। नवरात्रि में कन्या पूजन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कन्या पूजन डेट, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त...

 

  • अष्टमी- 20 अप्रैल, 2021, मंगलवार

अष्टमी तिथि प्रारंभ- 20 अप्रैल 2021 को मध्य रात्रि 12 बजकर 01 मिनट से
अष्टमी तिथि समाप्त- 21 अप्रैल 2021 को मध्यरात्रि 12 बजकर 43 मिनट तक

  • नवमी- 21 अप्रैल, 2021, बधवार

नवमी तिथि प्रारंभ- 21 अप्रैल को मध्यरात्रि 12 बजकर 43 मिनट से
नवमी तिथि समाप्त- 22 अप्रैल 2021 मध्यरात्रि 12 बजकर 35 मिनट पर

कन्या पूजन विधि...

  • कन्या पूजन के लिए नौ कन्याओं और एक लड़के की आवश्यकता होती है। नौ कन्याओं को मां का स्वरूप और लड़के को भैरव का स्वरूप मानकर पूजा की जाती है।
  • अगर आपको नौ कन्याएं नहीं मिल रही हैं तो आप जितनी कन्याएं हैं उनका ही पूजन कर लें। बाकी कन्याओं के हिस्से का भोजन गाय को खिला दें।
  • सबसे पहले कन्याओं और लड़के के पैरों को स्वच्छ जल से धोएं और उन्हें आसन पर बिठाएं।
  • सभी कन्याओं और लड़के को तिलक लगाएं।
  • इसके बाद कन्याओं और भैरव स्वरूप लड़के की आरती करें।
  • कन्याओं को भोजन खिलाएं। कन्याओं को भोजन खिलाने से पहले मंदिर में मां को भोग अवश्य लगा लें।
  • कन्याएं जब भोजन कर लें तो फिर उन्हें प्रसाद के रूप में फल दें और अपने सामर्थ्यानुसार दक्षिणा अवश्य दें।
  • सभी कन्याओं और भैरव स्वरूप लड़के के चरण स्पर्श भी करें।
  • कन्याओं को सम्मान पूर्वक विदा करें। ऐसा माना जाता है कि कन्याओं के रूप में मां ही आती हैं।

अष्टमी तिथि शुभ मुहूर्त-

  •  ब्रह्म मुहूर्त- 20 अप्रैल सुबह 04 बजकर 11 मिनट से सुबह 04 बजकर 55 मिनट तक
  • अभिजित मुहूर्त- 20 अप्रैल 2021 सुबह 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त- 20 अप्रैल 2021 शाम 06 बजकर 22 मिनट से शाम बजकर 06 बजकर 46 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त- 20 अप्रैल 2021 दोपहर 02 बजकर 17 मिनट से शाम 03 बजकर 08 मिनट तक
  • अमृत काल- 21 अप्रैल मध्यरात्रि 01 बजकर 17 मिनट से 21 अप्रैल 2021 सुबह 02 बजकर 58 मिनट तक

नवमी तिथि शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- 21अप्रैल 2021 को सुबह 04 बजकर 10 मिनट से, सुबह 04 बजकर 54 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त- 21 अप्रैल 2021 दोपहर 02 बजकर 17 मिनट से 03 बजकर 09 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त- 21 अप्रैल 2021 की शाम 06 बजकर 22 मिनट से 06 बजकर 46 मिनट तक
  • निशिता मुहूर्त- 21 अप्रैल को रात्रि 11 बजकर 45 मिनट से 22 अप्रैल मध्य रात्रि 12 बजकर 29 मिनट तक
  • रवि योग मुहूर्त- 21 अप्रैल 2021 को शाम 07 बजकर 59 मिनट से 22 अप्रैल को शाम 05 बजकर 39 मिनट तक

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