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भक्तों के हर संकट को हर लेती हैं मां कालरात्रि 

लाइव हिन्दुस्तान टीम ,meerut Published By: Arpan
Tue, 12 Oct 2021 02:17 AM
भक्तों के हर संकट को हर लेती हैं मां कालरात्रि 

नवरात्रि के पावन दिनों में सातवें दिन मां दुर्गा के स्वरूप मां कालरात्रि की उपासना की जाती है। मां कालरात्रि का स्वरूप तेज और यश से परिपूर्ण है। मां कालरात्रि का स्वरूप बहुत भयंकर माना जाता है लेकिन माता का हृदय पुष्प के समान कोमल है। मां बहुत दयालु हैं। मां कालरात्रि की उपासना शुभ फलदायी होने के कारण मां को शुभंकारी देवी के रूप में भी जाना जाता है।

मां अपने भक्तों को निडर, निर्भय रहने का वरदान देती हैं। मां की उपासना से भक्तों के सभी दुख, संताप दूर हो जाते हैं। आरोग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मां कालरात्रि अपने भक्तों की काल से भी रक्षा करती हैं। मां के दर्शन करने मात्र से भक्त पुण्य का भागी बन जाता है। मां कालरात्रि की उपासना से आकस्मिक संकटों से भक्तों की रक्षा होती है। मां कालरात्रि की पूजा से भूत, प्रेत या बुरी शक्ति का भय कभी नहीं सताता है। मां कालरात्रि का शरीर रात के अंधकार की तरह काला है। इनके बाल बिखरे हुए हैं। रंग काला होने के कारण इन्हें मां कालरात्रि नाम से जाना जाता है। रक्तबीज का वध करने के लिए मां दुर्गा ने अपने तेज से मां कालरात्रि को उत्पन्न किया। मां कालरात्रि को प्रसन्न करने के लिए गुड़ या गुड़ से बनी चीजों का भोग लगाएं। 

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। 

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