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22 नवंबर, 2020|8:59|IST

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Navratri 2020: नवरात्रि पर इस बार दुर्लभ संयोग, 1962 में बना था ऐसा संयोग, आज सुबह 9:45 तक कर लें घट स्थापना

navratri first day

आदिशक्ति मां दुर्गा की उपासना का पावन पर्व शारदीय नवरात्र शनिवार 17 अक्टूबर से शुरू हो गए हैं। इसके साथ ही मलमास का समापन हो जाएगा।  नवरात्र का शुभारंभ इस बार दुर्लभ संयोग के साथ होगा। इसलिए ग्रहीय दृष्टि से शारदीय नवरात्र शुभ और कल्याणकारी होगा। नवरात्र के दौरान नौ दिनों तक घरों, मन्दिरों में विधिविधान से पूजन अर्चन कर भक्त मां भगवती आशीष प्राप्त करेंगे। नवरात्र को लेकर मन्दिरों में सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सिद्धपीठ ललिता देवी, कल्याणी देवी और अलोपशंकरी मंदिर में पूजन-अर्चन की तैयारी की गई है। 

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Navratri: 58 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग
ज्योतिषाचार्य धर्मराज शास्त्री के अनुसार इस बार के शारदीय नवरात्र पर ग्रहीय आधार पर विशेष संयोग बन रहा है। यानी 17 अक्टूबर को 58 वर्षों के बाद शनि, मकर में और गुरु, धनु राशि में रहेंगे। इससे पहले यह योग वर्ष 1962 में बना था। यह संयोग नवरात्र पर्व को कल्याणकारी बनाएगा।

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Navratri: घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य अवध नारायण द्विवेदी के अनुसार प्रतिपदा तिथि शुक्रवार 16 अक्टूबर की रात 01:50 बजे से शुरू हो जाएगी, जो 17 अक्टूबर, शनिवार को रात 11:26 तक रहेगी। घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सूर्योदय से सुबह 9:45 तक रहेगा।

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Navratri:  अभिजित मुहूर्त
 अभिजित मुहूर्त 10:30 बजे से 12:20 बजे तक है। शेष दिन में किसी भी समय स्थापना पूजन किया जा सकता है।

 

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  • Web Title:Navratri 2020: A rare coincidence being made on Navratri it was made in 1962 tomorrow morning Do ghatsthapana at 9 45