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18 मार्च से हैं चैत्र मास के नवरात्र, ऐसे करें पूजा

चैत्र मास के मां भगवती के नवरात्र शुरू होने में कुछ दिन ही शेष रह गए हैं। वर्ष 2018 में चैत्र के नवरात्र 18 मार्च से प्रारंभ हो रहे हैं। इन पवित्र दिनों में माता रानी की पूजा-अर्चन इस प्रकार करें।

इस बार के नवरात्र

1. पहला  नवरात्र 18 मार्च, रविवार:  मां शैलपुत्री जी, चोला (मैरून रंग), भोग (सफेद चीजें, या गाय के घी से निर्मित वस्तुएं), यह करने से सभी प्रकार के रोगो से मुक्ति मिल जाती है।

2. दूसरा नवरात्र 19 मार्च, सोमवार: मां ब्रह्मचारणी जी,चोला (सफेद), भोग (मिश्री, चीनी, पंचामृत, भोग (लोंग, ईलायची, सुपारी, सात पान के पत्ते, मिश्री), दान करने से लंबी आयु होती है।

3. तीसरा नवरात्र 20 मार्च, मंगलवार: मां चंद्रघंटा जी, चोला (केसरी), भोग (दूध और उससे निर्मित चीजें), दान करने से मां भगवती खुश होती हैं और दुःखों का नाश करती है।

4. चौथा नवरात्र 21 मार्च, बुधवार: मां कुष्मांडा जी, चोला (रानी), भोग खीर और मालपुए का भोग, ब्राह्मण को दान करें और खुद भी खाएं, बुद्धि का विकास होता है।
 
5. पांचवां नवरात्र 22 मार्च, गुरुवार: मां सकंदमाता जी,चोला (पीला), भोग केले का भोग,पांच  भिखारियों को केले दान करने से शरीर स्वस्थ रहता।  

6. छटा और सातवां नवरात्र  23 मार्च, शुक्रवार: मां कात्यायनी देवी, मां कालरात्रि जी ,चोला (गहरा नीला), भोग (शहद), गुड़ और चने का भोग लगाने से साधक सुंदर रूप प्राप्त करता है और मुनष्य शोकमुक्त रहता है।

7. मां भगवती की अष्टमी 24 मार्च, शनिवार:  मां वैष्णो देवी, मां माहागौरी जी, चोला (लाल), नारियल का भोग लगाने से मां भगवती सबकी मनोकामना पूर्ण करती हैं।

8. नवमी 25 मार्च,  रविवार:  मां सिद्धीदात्री, चोला (सफेद या लाल), चना पुड़ी और हलवा-पूरी का भोग लगाने से मां जीवन में सुख शांति प्रदान करती है।

इस बार छह नवरात्र हैं, छठा और सातवां नवरात्र एक दिन ही है।

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

 

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