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Shani की इस राशि में बुध मचाएंगे हलचल, इन राशियों के लिए धन के मामले में गोल्डन पीरियड

budh Gochar in shani makar rashi : सुख एवं दांपत्य के कारक होकर लाभ भाव में गोचर आरंभ करेंगे। परिणाम स्वरूप गृह एवं वाहन सुख में वृद्धि हो सकता है। माता के सुख सानिध्य में वृद्धि हो सकता है। प्

Shani की इस राशि में बुध मचाएंगे हलचल, इन राशियों के लिए धन के मामले में गोल्डन पीरियड
Anuradha Pandeyज्योतिर्विद डॉ दिवाकर त्रिपाठी,नई दिल्लीFri, 02 Feb 2024 05:43 AM
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लेखन शक्ति, बौद्धिकता, मैनेजमेंट आदि के कारक सौम्य ग्रह बुध का गोचरीय परिवर्तन मार्ग कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि 1 फरवरी 2024 दिन बृहस्पतिवार को प्रातः काल 7:20 पर हो जाएगा। बुध का देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु को छोड़कर, शनिदेव की पहली राशि मकर में प्रवेश होगा। ग्रहों में राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध बुध के गोचर का चराचर जगत सहित मेष से मीन तक के सभी लोगो पर निम्न व्यापक प्रभाव पड़ेगा। 

मेष :- पराक्रमेष एवं रोगेश होकर दशम भाव में गोचर से पराक्रम संबंधित कार्यों में प्रगति होगी। भाई,बहनों, मित्रों का सहयोग सानिध्य प्राप्त होगा। कार्यों में अवरोध होगा। किसी भी सामान्य कार्य के लिए अधिक परिश्रम की आवश्यकता होगी। नौकरी तथा व्यवसाय में सामान्य अवरोध का सामना करना पड़ सकता है। विरोधी व्यक्ति से तनाव के स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

वृष :- धनेश एवं पंचमेश होकर नवम स्थान भाग्य भाव में गोचर से भाग्य संबंधित सभी कार्यों में प्रगति होगी। पिता का सहयोग सानिध्य प्राप्त होगा। बौद्धिक कार्यों में प्रगति होगी। लेखन शक्ति का विस्तार होगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होगा। धन संबंधित कार्यों में प्रगति होगी। पारिवारिक कार्यों में भी प्रकति की स्थिति बनेगी। नौकरी तथा व्यापार में प्रगति होगा।

मिथुन :- स्वास्थ्य तथा सुख के कारक होकर अष्टम भाव में गोचर करने से मनोबल में कमी हो सकती है। वाणी व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल पड़ रह सकता है। स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सुख एवं सुख के संसाधनों को लेकर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। माता के स्वास्थ्य को लेकर विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।

कर्क :- व्यय तथा पराक्रम के कारक होकर सप्तम भाव में गोचर करने से दैनिक रोजगार में वृद्धि करेंगे। पराक्रम एवं सामाजिक दायरे में वृद्धि होगी। जीवन साथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। प्रेम संबंधों में टकराव हो सकता है। मानसिक चिंतन में वृद्धि हो सकता है। स्वास्थ्य पर विशेष तौर पर ध्यान देना आवश्यक है। साझेदारी के कार्यों को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है।

सिंह :- लाभ तथा धन भाव के कारक होकर छठे भाव में गोचर करेंगे। परिणाम स्वरूप पारिवारिक कार्यों को लेकर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। धन संबंधित कार्यों के लिए अधिक परिश्रम की आवश्यकता हो सकती है। व्यापार एवं व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए समय थोड़ा प्रतिकूल रह सकता है। बड़ी यात्राओं का योग बन सकता है। खर्च वृद्धि हो सकता है।

कन्या :- राज्य तथा स्वास्थ्य के कारक होकर पंचम भाव में गोचर आरंभ करेंगे। परिणाम स्वरूप बौद्धिक क्षमता का विस्तार होगा। नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। अध्ययन अध्यापन में प्रगति होगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। आय के संसाधनों में वृद्धि हो सकता है। मनोबल उत्तम बना रहेगा। नौकरी तथा व्यवसाय में प्रगति की स्थिति बन सकती है।

तुला :- भाग्य तथा व्यय के कारक होकर चतुर्थ भाव में गोचर आरंभ करेंगे। परिणाम स्वरूप कार्यों में भाग्य का साथ प्राप्त होगा। माता के सुख सुख सानिध्य में वृद्धि होगा। गृह एवं वाहन सुख में वृद्धि हो सकता है। अचानक खर्च में वृद्धि भी हो सकता है। दूरस्थ यात्रा का योग बन सकता है। धार्मिकता में वृद्धि हो सकता है। सीने की तकलीफ में वृद्धि हो सकता है। 

वृश्चिक :- अष्टम एवं लाभ भाव के कारक होकर पराक्रम भाव में गोचर आरंभ करेंगे। परिणाम स्वरूप पराक्रम में वृद्धि होगा। परिश्रम का परिणाम सकारात्मक प्राप्त होगा। कार्यों में भाग्य का साथ प्राप्त हो सकता है। भाई, बहनों तथा मित्रों से मनमुटाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। धार्मिकता पर खर्च हो सकता है। सामाजिक दायरे में वृद्धि हो सकता है। व्यापार व्यवसाय के लिए समय अनुकूल रह सकता है।

धनु :- दांपत्य एवं दशम भाव के कारक होकर द्वितीय भाव धान भाव में गोचर आरंभ करेंगे । परिणाम स्वरूप नौकरी तथा व्यवसाय में प्रगति एवं परिवर्तन का योग बन सकता है। वाणी व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल प्रद रह सकता है। पारिवारिक कार्यों में वृद्धि हो सकता है। जीवन साथी से लाभ की स्थिति बन सकती है। प्रेम संबंधों में प्रगति की स्थिति बन सकती है। दैनिक आय में वृद्धि हो सकता है।

मकर :- छठे एवं भाग्य के कारक होकर लग्न भाव में गोचर आरंभ करेंगे। परिणाम स्वरूप स्वास्थ्य संबंधित तनाव हो सकता है। मानसिक चिंतन में वृद्धि हो सकता है। कार्यों में भाग्य का साथ प्राप्त हो सकता है। धार्मिकता में वृद्धि हो सकता है। पिता का सहयोग सानिध्य प्राप्त हो सकता है। दांपत्य सुख में वृद्धि हो सकता है। प्रेम संबंधों में सुधार हो सकता है। दैनिक आय में वृद्धि हो सकता है।

कुम्भ :- पंचम एवं अष्टम भाव के कारक होकर द्वादश भाव में गोचर आरंभ करेंगे। परिणाम स्वरूप संतान पक्ष से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अचानक खर्च में वृद्धि हो सकता है। दूरस्थ यात्रा का योग बन सकता है। धार्मिक कार्यों में खर्च बढ़ सकता है। अध्ययन अध्यापन में अवरोध की स्थिति उत्पन्न हो सकता है। अति घनिष्ठ व्यक्ति से तनाव हो सकता है। स्किन एलर्जी से तनाव उत्पन्न हो सकता है।

मीन :- सुख एवं दांपत्य के कारक होकर लाभ भाव में गोचर आरंभ करेंगे। परिणाम स्वरूप गृह एवं वाहन सुख में वृद्धि हो सकता है। माता के सुख सानिध्य में वृद्धि हो सकता है। प्रेम संबंधों में सकारात्मक परिवर्तन हो सकता है। दैनिक आय में वृद्धि हो सकता है। जीवनसाथी से लाभ की स्थिति बन सकती है। नौकरी तथा व्यवसाय में सकारात्मक परिवर्तन हो सकता है। अध्ययन अध्यापन में प्रगति की स्थिति बन सकती है।

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