Masik Shivratri 2021: आज मासिक शिवरात्रि पर भगवान शंकर की इन 6 मुहूर्त में ना करें पूजा, नोट कर लें पूजा विधि

May 09, 2021 11:15 am ISTSaumya Tiwari लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली
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आज मई महीने की मासिक शिवरात्रि है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। यह तिथि भगवान शिव को समर्पित होती है। इसलिए इस दिन भगवान शंकर...

Masik Shivratri 2021: आज मासिक शिवरात्रि पर भगवान शंकर की इन 6 मुहूर्त में ना करें पूजा, नोट कर लें पूजा विधि

आज मई महीने की मासिक शिवरात्रि है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। यह तिथि भगवान शिव को समर्पित होती है। इसलिए इस दिन भगवान शंकर की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की पूजा करने से सभी रुके हुए काम बन जाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

हिंदू पंचांग के मुताबिक, आज शाम 07 बजकर 30 मिनट तक त्रयोदशी रहेगी और उसके बाद चतुर्दशी लगेगी। आज मासिक शिवरात्रि के दिन प्रीति और आयुष्मान दो शुभ योग बन रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मासिक शिवरात्रि के दिन प्रीति व आयुष्मान योग में भगवान शिव की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। कहा जाता है कि इस योग में किये गए कार्यों में सफलता हासिल होती है।

भगवान शिव की इन मुहूर्त में करें पूजा-

ब्रह्म मुहूर्त- 03:59 ए एम, मई 10 से 04:42 ए एम, मई 10 तक।
अभिजित मुहूर्त- 11:39 ए एम से 12:32 पी एम तक।
विजय मुहूर्त-    02:19 पी एम से 03:12 पी एम तक।
गोधूलि मुहूर्त- 06:32 पी एम से 06:56 पी एम तक।
अमृत काल- 02:49 पी एम से 04:36 पी एम तक।
निशिता मुहूर्त- 11:44 पी एम से 12:26 ए एम, मई 10 तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग- 05:29 पी एम से 05:25 ए एम, मई 10 तक।

इन मुहूर्त में ना करें भगवान शंकर की पूजा-

राहुकाल- 05:05 पी एम से 06:45 पी एम तक।
यमगण्ड- 12:05 पी एम से 01:45 पी एम तक।
गुलिक काल- 03:25 पी एम से 05:05 पी एम तक।
दुर्मुहूर्त- 04:58 पी एम से 05:52 पी एम तक।
गण्ड मूल- पूरे दिन।
भद्रा- 07:30 पी एम से 05:25 ए एम, मई 10 तक।
पंचक- 05:25 ए एम से 05:29 पी एम तक।

1. श्रद्धालुओं को शिवरात्रि की रात को जाग कर शिव जी की पूजा करनी चाहिए। 
2. मासिक शिवरात्रि वाले दिन आप सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि के बाद किसी मंदिर में जा कर भगवान शिव और उनके परिवार (पार्वती, गणेश, कार्तिक, नंदी) की पूजा करें।
3. पूजा के दौरान शिवलिंग का रुद्राभिषेक जल, शुद्ध घी, दूध, शक़्कर, शहद, दही आदि से करें। 
4. शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और श्रीफल चढ़ाएं। अब आप भगवान शिव की धुप, दीप, फल और फूल आदि से पूजा करें। 
5. शिव पूजा करते समय आप शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक का पाठ करें। 
6. इसके बाद शाम के समय फल खा सकते हैं लेकिन व्रती को अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए। अगले दिन भगवान शिव की पूजा करें और दान आदि करने के बाद अपना व्रत खोलें। 

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


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परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


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