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29 जनवरी, 2020|8:10|IST

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मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2019: बेहद खास है इस बार की पूर्णिमा, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त-विधि

margashirsha purnima 2019

Margashirsha Purnima 2019: हिन्दू पंचांग के अनुसार 12 दिसंबर 2019 को मार्गशीर्ष पूर्णिमा मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा को विशेष तिथि के रूप में देखा जाता है। हर माह की शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि ही पूर्णिमा तिथि कहलाती है। जिसे पूर्णमासी के नाम से भी पहचाना जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, इस पूर्णिमा की रात को चंद्रमा भी ग्रहों की मजबूत स्थिति में रहेगा।

पूर्णिमा का शुभ समय-
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की उदया तिथि चतुर्दशी सुबह 10 बजकर 59 मिनट तक ही रहेगी, उसके बाद पूर्णिमा शुरू हो जाएगी जोकि गुरुवार को सुबह 10 बजकर 42 मिनट तक रहेगी और पूर्णिमा तिथि के दौरान पूर्ण चांद रात को ही दिखेगा।  चंद्रोदय का समय है शाम 4 बजकर 35 मिनट तक है। 

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व-
धर्म शास्त्रों की मानें तो पूर्णिमा के दिन भगवान शिव और चंद्र देव की पूजा अर्चना करने का विशेष महत्व है। बताया जाता है कि इस दिन भगवान् सत्यनारायण की कथा का पाठ करने से भी शुभ फल की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस दिन गरीब और जरूरतमंदों को किए गए दान का पुण्य न केवल जातक को बल्कि उसके पूर्वजों को भी प्राप्त होता है। अगर कोई जातक सच्चे मन से पूरे विधि विधान के साथ इस व्रत को करता है तो उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।  
 
मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत-विधि-
-सुबह उठकर भगवान का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें।
-स्नान के बाद सफेद वस्त्र धारण करके आचमन करते हुए ॐ नमोः नारायण कहकर, श्री हरि का आह्वान करें।
-इसके बाद श्री हरि को आसन, गंध और पुष्प आदि अर्पित करें।
-अब पूजा स्थल पर एक वेदी बनाकर हवन में अग्नि जलाएं। 
-इसके बाद हवन में तेल, घी और बूरा आदि की आहुति दें।
-हवन समाप्त होने पर सच्चे मन में भगवान का ध्यान करें।
-व्रत के दूसरे दिन गरीब लोगों या ब्राह्मणों को भोजन करवाकर और उन्हें दान-दक्षिणा दें।

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  • Web Title:Margashirsha Purnima 2019: know the date significance of puja vrat vidhi and subh muhurat