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जीवन को मंगलमय बनाता है सावन माह का यह पावन व्रत 

लाइव हिन्दुस्तान टीम ,meerutPublished By: Arpan
Tue, 27 Jul 2021 03:33 AM
जीवन को मंगलमय बनाता है सावन माह का यह पावन व्रत 

सावन माह भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ माह है। इस पूरे माह भगवान शिव, माता पार्वती की विधि-विधान और सच्चे मन से पूजा करें। सावन के सोमवार के साथ ही इस माह के मंगलवार का भी विशेष महत्व है। सावन के मंगलवार को मां गौरी को समर्पित मंगला गौरी व्रत किया जाता है। अखंड सौभाग्य प्रदान करने वाले इस व्रत के प्रभाव से वैवाहिक जीवन से जुड़ी समस्त समस्याएं दूर हो जाती हैं और संतान सुख की प्राप्ति होती है। मंगला गौरी व्रत विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करता है। 

मंगला गौरी व्रत श्रावण माह के सभी मंगलवार को किया जाता है। यह व्रत सुहागिनें रखती हैं। इस व्रत को अखंड सौभाग्य प्रदान करने वाला व्रत माना जाता है। इस व्रत में पूजा के समय माता पार्वती को सोलह शृंगार की सामग्री अर्पित करें। इस व्रत में कथा सुनने के बाद सुहागिन महिलाएं सास और ननद को 16 लड्डू देती हैं। परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से यह व्रत पति-पत्नी को साथ मिलकर करना चाहिए। पूरा दिन व्रत रखते हुए मां गौरी को फलों और मिष्ठान का नैवेद्य अर्पित कर 16 कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराएं। उन्हें उपहार भेंट करें। इस व्रत में पूजा में उपयोग की जाने वाली सभी वस्तुएं सोलह की संख्या में होनी चाहिए। यह व्रत सौभाग्य के साथ सुख भी प्रदान करता है। इस व्रत के प्रभाव से आर्थिक परेशानियों का अंत होता है। सावन के आखिरी मंगलवार को मंगला गौरी व्रत के उद्यापन का विधान है। इस व्रत में एक समय ही शुद्ध एवं शाकाहारी भोजन ग्रहण करना चाहिए। जो लोग संतान सुख चाहते हैं, उन्हें इस व्रत का पालन अवश्य करना चाहिए।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। 

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