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Mangal gochar 2022: 25 फरवरी से मंगल राशि परिवर्तन और राहु का मंगल पर दृष्टि प्रभाव योग भी, जानें क्या मचेगी उथल-पुथल

फाल्गुन कृष्ण पक्ष नवमी 25 फरवरी 2022 दिन शुक्रवार की शाम को 6 बजकर 45 मिनट से ग्रहों में न्यायाधीश की पदवी प्राप्त शनि देव अपने पहली राशि मकर में प्रवेश करेंगे जहाँ मंगल 7 अप्रैल 2022 तक मकर राशि...

Mangal  gochar 2022: 25 फरवरी से मंगल राशि परिवर्तन और राहु का मंगल पर दृष्टि प्रभाव योग भी, जानें क्या मचेगी उथल-पुथल
Anuradha Pandeyपं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली,नई दिल्लीFri, 18 Feb 2022 06:23 AM

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फाल्गुन कृष्ण पक्ष नवमी 25 फरवरी 2022 दिन शुक्रवार की शाम को 6 बजकर 45 मिनट से ग्रहों में न्यायाधीश की पदवी प्राप्त शनि देव अपने पहली राशि मकर में प्रवेश करेंगे जहाँ मंगल 7 अप्रैल 2022 तक मकर राशि में रह कर चराचर जगत को प्रभावित करेंगे। मंगल की तीन स्थितियां महत्त्वपूर्ण होती है, पहली स्थिति में जब ये कर्क राशि मे नीच स्थिति को प्राप्त करते है, दूसरी स्थिति में जब स्वगृही होते है तथा तीसरी स्थिति जब मकर राशि मे अपने उच्च स्थिति को प्राप्त करते है। मकर राशि मे मंगल अपने उच्च राशि को प्राप्त करने जा रहे हैं। ग्रहों में मंगल को सेनापति का पद प्राप्त है। 

मंगल को भूमि, भवन, वाहन ,सेना ,सेनाध्यक्ष, पुलिस बल, सम्पूर्ण रक्षा तंत्र, आग, बारूद , बल, पौरुष, मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक ऊर्जा का कारक ग्रह माना गया है। ऐसे में मंगल अपने उच्च राशि मकर में परिवर्तन करके अपने सभी कारक तत्वों पर प्रभाव स्थापित करेंगे। 
स्वतंत्र भारत की कुंडली वृष लग्न एवं कर्क राशि की है। लग्न के अनुसार देखा जाए तो मंगल व्ययेश एवं सप्तमेश होकर नवम भाव मे गोचर करने जा रहे हैं। जहाँ व्ययेश होकर अपनी उच्च राशि में गोचर करते हुए राष्ट्र के आर्थिक दुरुपयोग को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। तो वही आम जन मानस के लिए सरकार द्वारा नये योजनाओ को लाने में सहयोग प्रदान करेंगे। 

सप्तम का कारक होकर नवम में गोचर प्रबल शुभफल प्रदायक है। मंगल के इस परिवर्तन के साथ स्वगृही शनि भी गोचर करेंगे। वैसे तो शनि मंगल की युति ज्यादा शुभ कारक नही होती फिर भी स्वगृही शनि के साथ उच्च मंगल का होना बड़े परिवर्तन की ओर इशारा कर रहा है। अतः भारत की राजनीति सहित भारत की जन सामान्य पर भी व्यापक शुभ प्रभाव पड़ेगा।


राहु का मंगल पर दृष्टि प्रभाव योग भी बनेगा जो आकस्मिक घटनाओं की पुनरावृत्ति करा सकता है। आग से क्षति, बारूद या हथियारों का प्रयोग एवं इससे क्षति की भी संभावना बना सकता है।
 पुलिस या सैन्य तंत्र को सतर्क रहकर कार्य करना होगा। कोई बड़ी दुर्घटना भी सम्भव है। 
राष्ट्रीय या अंतराष्ट्रीय स्तर पर आगजनी, चक्रवात, भूकम्प, भूस्खलन, ज्वाला आदि सहित अन्य बड़ी आकस्मिक दुर्घटना की भी संभावना बन सकती है।


मंगल शनि के साथ वैभव कारक ग्रह शुक्र का योग भी 27 फरवरी से बनेगा। शुक्र के साथ मंगल की युति एवं राहु की दृष्टि शुक्र की शुभता को कम करेगा। ऐसे में महिलाओं के लिए भी समय अनुकूलप्रद नहीं होगा। राष्ट्र की स्थिति व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों के लिए समय अनुकूल रहेगा। 
भारत के अंतराष्ट्रीय सीमा विवाद संधि एवं व्यापार में सकारात्मक वृद्धि होगी।
 राजनैतिक वाकयुद्ध वृद्धि की सम्भावना भी है।
 राष्ट्र की रक्षा, सुरक्षा में सैन्य बल प्रमुखता के साथ अपना कार्य कर सकेंगे।
 राष्ट्र में अति पिछड़े एवं अन्य पिछड़ी जातियों के सकारात्मक प्रभाव और जातीय विवाद में भी वृद्धि।  राष्ट्र में नेताओं के प्रति जनाक्रोश बढ़ने की स्थिति भी बनेगी।
 शनि शुक्र के साथ मंगल लिंग भेद से जुड़े मुद्दों में वृद्धि करेंगे।
 शेयर बाजार से आम जन को लाभ की संभावना बनेगी।
 निर्माण, कंस्ट्रक्शन, मोटर वाहन के क्षेत्र में राष्ट्र उन्नति करेगा। इस क्षेत्र की वृद्धि के लिए सरकार द्वारा नई योजनाओं को लाया जा सकता है। 

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