महाशिवरात्रि के दिन इस शिव आरती और मंत्र से करें भोलेनाथ की पूजा, मनोवांछित फल मिलने की है मान्यता
कहते हैं कि भगवान शिव को प्रसन्न करना आसान होता है। भोलेनाथ मंत्र और आरती से प्रसन्न हो जाते हैं। इस साल महाशिवरात्रि 11 मार्च 2021 (गुरुवार) को मनाई जाएगी। कहते हैं कि इस दिन भगवान शिव की पूजा...

कहते हैं कि भगवान शिव को प्रसन्न करना आसान होता है। भोलेनाथ मंत्र और आरती से प्रसन्न हो जाते हैं। इस साल महाशिवरात्रि 11 मार्च 2021 (गुरुवार) को मनाई जाएगी। कहते हैं कि इस दिन भगवान शिव की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
शास्त्रों और पुराणों में अन्य देवों से भगवान शिव को भिन्न माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव अनादि और सृष्टि प्रक्रिया के आदिस्त्रोत हैं। ज्योति शास्त्र का आधार भी भगवान शिव को ही माना जाता है। इस महाशिवरात्रि भगवान शिव को इन मंत्रों और आरती से करें प्रसन्न-
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए-
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय.
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:.
मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नम: शिवाय:.
शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय.
श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै शि काराय नम: शिवाय:.
अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्.
अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्.
शाबर मंत्र
ॐ शिव गुरु गोरखनाथाय नमः.
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्.
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्.
शिव आरती
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा.
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा. ॐ जय शिव...
एकानन चतुरानन पंचानन राजे.
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे. ॐ जय शिव...
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे,
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे. ॐ जय शिव...
अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी.
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी. ॐ जय शिव...
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे.
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे. ॐ जय शिव...
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता.
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता. ॐ जय शिव...
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका.
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका. ॐ जय शिव...
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी.
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी. ॐ जय शिव...
त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे.
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे. ॐ जय शिव...
(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


