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1 अप्रैल, 2020|10:24|IST

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Mahashivratri 2020: इस शिवरात्रि ऐश्वर्य प्राप्ति का दुर्लभ योग, कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए करें ये उपाय

shiva

शुक्रवार 21 तारीख को फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सायंकाल 5.21 बजे तक है, उसके बाद चतुर्दशी है। इसी दिन सायंकाल 6.35 बजे तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र है, फिर श्रवण नक्षत्र है। ‘कामिक’ नामक ग्रन्थ में कहा गया है कि सूर्य के अस्त समय यदि चतुर्दशी हो, तो उस रात्रि को ‘शिवरात्रि’ कहते हैं। गुरुवार को चन्द्र प्रधान नक्षत्र की युति होने से यह दिन शिव जी की कृपा प्राप्ति और ऐश्वर्य प्राप्ति का दुर्लभ अवसर बन गया है। सर्वार्थ सिद्धि और आनंद योग इस अवसर को और ज्यादा शुभ बना रहे हैं। प्रात:कालीन गोचर में सूर्य, बुध व चंद्र का लग्नस्थ होना शिव का शुभ आशीष मिलने का संकेत भी दे रहा है। यह पर्व सत्य और शक्ति दोनों को ही पोषित करने वाला पर्व भी है।

शिवरात्रि को रात्रि के चारों पहरों में पृथक पूजन का भी विशेष विधान है: प्रथम पहर में दूध से स्नान तथा ‘ॐ ह्रीं ईशानाय नम:’ का जाप करें। द्वितीय पहर में दधि स्नान करके ‘ॐ ह्रीं अघोराय नम:’ का जाप करें। तृतीय पहर में घृत स्नान एवं मंत्र ‘ॐ ह्रीं वामदेवाय नम:’ का जाप करें। चतुर्थ पहर में मधु स्नान एवं ‘ॐ ह्रीं सद्योजाताय नम:’ मंत्र का जाप करें।

यदि आप की कुंडली में कालसर्प दोष के लक्षण हैं, तो इस छोटी-सी क्रिया को शिवरात्रि के दिन प्रात:, मध्याह्न और सायंकाल करें और इस क्रिया को प्रत्येक सोमवार को करें। जो भगवान शंकर की पांच मंत्रों से पंचोपचार विधि पूर्वक सफेद चंदन, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य चढ़ाते हुए पूजा करता है, वह कालसर्प दोष से मुक्त हो जाता है। ये मंत्र हैं: ‘ॐ सद्योजाताय नम:।’ ‘ॐ वामदेवाय नम:।’ ‘ॐ अघोराय नम:।’ ‘ॐ ईशानाय नम:।’ ‘ॐ तत्पुरुषाय नम:।’ 
शिवपुराण में लिखा है कि देवाधिदेव महादेव की अष्टमूर्तियों से ही यह विश्व संचालित हो रहा है। यानी शिव के आठ स्वरूप आठों दिशाओं में आपकी प्रगति को सुनिश्चित करते हैं। अपनी सार्वभौम प्रगति के लिए भगवान शिव की इन अष्टमूर्तियों को इन्हीं आठ मंत्रों से पुष्पांजलि दें- ‘ॐ शर्वाय क्षितिमूत्र्तये नम:।’ ‘ॐ भवाय जलमूत्र्तये नम:।’ ‘ॐ रुद्राय अग्निमूत्र्तये नम:। ‘ॐ उग्राय वायुमूत्र्तये नम:।’ ‘ॐ भीमाय आकाशमूत्र्तये नम:।’ ‘ॐ पशुपतये यजमान मूत्र्तये नम:।’ ‘ॐ महादेवाय सोममूत्र्तये नम:।’ ‘ॐ ईशानाय सूर्यमूत्र्तये नम:।’

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  • Web Title:Mahashivratri 2020: This Shivratri Rare yoga to get wealth do these measures to get rid of Kalsarp Dosh