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23 अक्तूबर, 2020|4:27|IST

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सभी ज्योतिर्लिंगों में विशेष हैं महाकालेश्वर

supreme court approves use of ro water in worship for shivalinga in ujjain mahakal mandir

देश के अलग-अलग भागों में स्थित भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से सबसे खास है श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग। यह ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में क्षिप्रा नदी के निकट रुद्र सरोवर के तट पर स्थित है। बारह ज्योतिर्लिंगों में इनकी गणना तीसरे स्थान पर आती है, किंतु प्रभाव की दृष्टि से इसका प्रथम स्थान है, क्योंकि इनकी पूजा-आराधना, अभिषेक आदि का प्रभाव कुछ ही मिनटों में प्रत्यक्ष दिखाई देने लगता है। 

सृष्टि में तीन महाकाल ज्योतिर्लिंग हैं-आकाशे तारकं लिंग पाताले हाटकेश्वरम्। मृत्युलोके महाकालं लिंगत्रय नमोस्तुते ।। अर्थात्- श्रीमहाकाल आकाश में स्वयं तारक ज्योतिर्लिंग के रूप में, पाताल लोक में हाटकेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में तथा पृथ्वी पर श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग विद्यमान हैं। पृथ्वी पर ये दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग के रूप में विद्यमान हैं। इसीलिए तांत्रिक साधक भी इनकी पूजा-अर्चना करते रहते हैं। इन्हें अवंतिका (उज्जैयिनी) का महाराजा कहा जाता है, इसलिए रात्रि में कोई भी राज्य अध्यक्ष अथवा राष्ट्र अध्यक्ष यहां नहीं ठहरता।

यहीं पर इनका सम्पूर्ण परिवार तथा अनेकों शिवगण प्रत्यक्ष रूप में विराजमान रहकर महाकाल की सेवा में तत्पर रहते हैं। कहा जाता है कि यहां पर किए गए रुद्राभिषेक तथा पंचाक्षर मंत्र ‘ॐ नम: शिवाय’ का जप जीवात्माओं को सभी कष्टों से मुक्ति प्रदान करके मोक्ष प्राप्ति कराता है। महाकाल की प्रथम आरती चिताभस्म से होती है, जो भस्म आरती के नाम से प्रसिद्ध है। इस आरती का इतना महत्व है कि इसमें सम्मिलित होने के लिए शिवभक्त मध्यरात्रि से ही पंक्ति में लग जाते हैं। महाकाल ज्योतिर्लिंग के साथ-साथ यहां अन्य और भी कई तीर्थस्थल हैं-
हरिसिद्धी शक्तिपीठ: यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि इस स्थान पर देवी सती की कोहनी गिरी थी। यहां सम्राट विक्रमादित्य के समय से ही अखंड ज्योति जल रही है। रोजाना 1001 दीयों को प्रज्वलित करके मां की आरती होती है।

नागतीर्थ: महाकाल ज्योतिर्लिंग के ठीक ऊपर ही नागतीर्थ मंदिर है, जो सिर्फ नागपंचमी के दिन ही जनदर्शन के लिए खुलता है। 
भैरव तीर्थ: यहां ‘काल-भैरव’ का सबसे चमत्कारी मंदिर भी है।  चिंताहरण गणेश, भर्तृहरि गुफा, ऋण मुक्तेश्वर व गढ़कालिका आदि साधकों के तांत्रिक स्थान भी हैं।

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  • Web Title:Mahakaleshwar is special among all Jyotirlingas