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पंचांग-पुराणजीवन के परम सत्य बताती हैं महाभारत की ये 10 बातें

लाइव हिन्दुस्तान टीम ,नई दिल्ली Published By: Pratima Jaiswal
Sun, 04 Oct 2020 10:09 PM
जीवन के परम सत्य बताती हैं महाभारत की ये 10 बातें

महाभारत केवल काव्य ही नहीं बल्कि एक ऐसा गंथ्र है, जिसके द्वारा हम जिंदगी की कई बातों को सीख सकते हैं। वेदव्यास रचित महाभारत की कई कहानियां से हम सार लेते हुए हम ऐसा ज्ञान ले सकते हैं, जो कई किताबेें भी हमें नहीं सिखा सकती हैं। अधर्म के बीच न्याय की स्थापना के लिए लड़े गए महाभारत के युद्ध से आज के जीवन में भी प्रेरणा मिलती है। इसके अनुसार मोह, माया और स्वार्थ से ऊपर उठकर धर्म पर चलने वाले हमेशा ही विजयी होते हैं, जबकि अधर्म को फैलाने वाले लोगों का अंत में कौरवों की तरह नाश होता है। आइए, जानते हैं महाभारत की 10 बातें- 

-ज्ञानी-अज्ञानी, साहसी-कायर, पराक्रमी-अवसरवादी के बीच दोस्ती कभी नहीं हो सकती।
-व्यक्ति को विवेकपूर्ण और तार्किक बातों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए बजाय इसके कि वह संसार में अधिकतम लोगों द्वारा किए जा रहे कार्यों का अंधानुकरण करें।
-कृपा से किसी के कामनाओं की तुष्टि नहीं की जा सकती। कामना से ग्रसित व्यक्ति अग्नि के सामान जलते रहता है।
-क्षमा और प्रतिशोध हमेशा अच्छे नहीं होते। व्यक्ति में दोनों गुण होने चाहिए।
-अकारण आत्म-प्रशंसा सदैव अनुचित ही होती है।
-सच और असत्यता के बीच अंतर जाने बगैर सत्य का अभ्यास करने वाले मूर्ख होते हैं।
-इस संसार में कार्य करने वाले लोग सदा सफलता को प्राप्त करते हैं।आलसी कभी सफल नहीं हो सकते।
-क्रोधी ‘क्या कहा और क्या नहीं कहा जाना चाहिए’ के बीच के अंतर को भूल जाता है।
-असफलता मिलने पर कभी निराश नहीं होना चाहिए। सफलता कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
-जीवन में असंतोष सौभाग्य की जड़ है। असंतुष्ट व्यक्ति चाहे तो बड़ी से बड़ी सफलता पा सकता है।

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