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Maha Shivratri 2024 : फाल्गुन माह की महाशिवरात्रि कब है? जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

Maha Shivratri 2024 Kab Hai : हर साल फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का महाशिवरात्रि मनाई जाती है। साल 2024 में 8 मार्च को महाशिवरात्रि है। इस दिन मां पार्वती का शिवजी के साथ विवाह हुआ था।

Maha Shivratri 2024  : फाल्गुन माह की महाशिवरात्रि कब है?  जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त
Arti Tripathiलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 09 Dec 2023 11:16 PM
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Maha Shivratri 2024 Date and Time : हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि पर्व का बड़ा महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल 2 बार महाशिवरात्रि मनाया जाता है। पहली महाशिवरात्रि फाल्गुन माह में कृष्ण चुतर्दशी तिथि को मनाई जाती है और दूसरी सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि फाल्गुन माह की भगवान शिव का माता पार्वती के साथ विवाह हुआ था। इसलिए हर साल बड़े धूमधाम से फाल्गुन महीने में महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन चार प्रहर में मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा-आराधना की जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। आइए जानते हैं फाल्गुन माह के महाशिवरात्रि की सही डेट और पूजा मुहूर्त...

फाल्गुन महाशिवरात्रि की सही तिथि : साल 2024 में फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 8 मार्च 2024 को रात 9 बजकर 57 मिनट पर होगा और अगले दिन यानी 9 मार्च 2024 को शाम 6 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगा। इस बार रात्रि पूजा मुहूर्त के हिसाब से 8 मार्च को ही महाशिवरात्रि मनाया जाएगा।

चार प्रहर की पूजा का मुहूर्त :

महाशिवरात्रि के पहले प्रहर की पूजा का समय :  8 मार्च  2024 को शाम 6 बजकर 25 मिनट से लेकर  9 बजकर 28 मिनट तक

महाशिवरात्रि के दूसरे प्रहर की पूजा का समय :  8 मार्च 2024 को  9 बजकर  28 मिनट से 12 बजकर 30 मिनट तक

महाशिवरात्रि की तीसरे प्रहर की पूजा का समय :  9 मार्च  2024 को  सुबह 12 बजकर 30 मिनट से सुबह 3 बजकर 34 मिनट तक

महाशिवरात्रि की चौछे प्रहर की पूजा का समय : 9 मार्च 2024 को सुबह 3 बजकर 34 मिनट से सुबह 6 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।

महाशिवरात्रि का महत्व : मान्यता है मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी और महाशिवरात्रि के दिन मां पार्वती की तपस्या सफल हुई थी और उनका विवाह भगवान शिव के साथ संपन्न हुआ था।  इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए महाशिवरात्रि का व्रत रखती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
 

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