ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News AstrologyMagh Purnima 2024 Maghi Purnima this year after 120 years in Magha Nakshatr Kemdrum Yoga also dissolved Moon in strong position

Magh Purnima 2024 : माघी पूर्णिमा इस साल 120 वर्षों के बाद मघा नक्षत्र में, केमद्रुम योग भी भंग, चंद्रमा मजबूत स्थिति में

Maghi Purnima this year-इसके अलावा माघ पूर्णिमा पर केमद्रुम योग भी भंग हो रहा है। केमद्रुम योग में चंद्रमा बहुत ही कमजोर हो जाता है, जो व्यक्ति को गलत निर्णय की ओर लेकर जाता है। लेकिन, माघी पूर्णिमा म

Magh Purnima 2024 :  माघी पूर्णिमा इस साल 120 वर्षों के बाद मघा नक्षत्र में, केमद्रुम योग भी भंग, चंद्रमा मजबूत स्थिति में
Anuradha Pandeyनगर संवाददाता।,नवादाSat, 24 Feb 2024 06:02 AM
ऐप पर पढ़ें

माघी पूर्णिमा 24 फरवरी को होगी। इस दिन पवित्र स्नान की परम्परा निभाई जाएगी। इस बार यह अद्भुत संयोग बन रहा है कि 120 वर्षों के बाद मघा नक्षत्र में माघी पूर्णिमा पड़ेगी। इसके साथ ही 24 फरवरी को मंगल और शुक्र बेहद करीब दिखाई देंगे। यह बेहद खूबसूरत नजारा आम लोगों के लिए खुली आंखों से देख पाना संभव होता लेकिन यह खगोलीय घटना दिन में होगा इसलिए भारत में यह दिखाई नहीं देगा। इसके अलावा माघ पूर्णिमा पर केमद्रुम योग भी भंग हो रहा है। केमद्रुम योग में चंद्रमा बहुत ही कमजोर हो जाता है, जो व्यक्ति को गलत निर्णय की ओर लेकर जाता है। लेकिन, माघी पूर्णिमा में केमद्रुम योग के भंग होने से पूर्णिमा तिथि अत्यंत शुभकारी होने वाली है। इस दिन जातक किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करेंगे तो उसे सफलता मिलेगी।

पंडित धर्मेन्द्र झा ने बताया कि माघी पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना और रात में चंद्रदेव की पूजा करना शुभकारी होता है। इस बार पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 23 फरवरी को दोपहर 03:33 बजे से होगा और 24 फरवरी की शाम 05:59 बजे समाप्त होगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस महीने के दौरान देवता पृथ्वी पर कुछ समय बिताने और गंगा नदी के तट पर रहने के लिए स्वर्ग से उतरते हैं। तीर्थराज प्रयाग में कल्पवास करने के बाद माघ पूर्णिमा को त्रिवेणी स्नान का अंतिम दिन होता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, माघ स्नान करने वाले लोगों को भगवान माधव धन, संतान, समृद्धि, भाग्य, सुख और मोक्ष का आशीर्वाद देते हैं।

शुभ मुहूर्त में करें पूजा, मिलेगा पुण्यलाभ24 फरवरी को देवगण मानव रूप में धरती पर आएंगे और दान-पुण्य के साथ प्रयाग में डुबकी लगायेंगे। इसलिए ही मान्यता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से जातक की सभी मनोकामना पूरी होती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें