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चार माह योग निद्रा में रहते हैं श्री हरि, राजा बलि के यहां करते हैं निवास

देवशयनी एकादशी के दिन से चार माह के लिए श्री हरि भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। एक कथा के अनुसार भगवान श्री हरि विष्णु ने राजा बलि से तीन पग दान के रूप में मांगे। भगवान ने पहले पग में पूरी पृथ्वी, आकाश और सभी दिशाओं को ढंक लिया। दूसरे पग में पूरे स्वर्ग लोक को ढंक लिया। तीसरा पग रखने के लिए राजा बलि ने भगवान के आगे अपना सिर रख दिया।

इससे प्रसन्न होकर भगवान ने राजा बलि को पाताल लोक का अधिपति बना दिया और वरदान मांगने को कहा। राजा बलि ने वर मांगते हुए कहा कि भगवान हमेशा मेरे महल में रहें। राजा बलि को वरदान देते हुए भगवान को पाताल लोक में जाना पड़ा। भगवान विष्‍णु के पाताल लोक में जाने के बाद सभी देवता और माता लक्ष्‍मी चिंतित हो गए। भगवान को वापस लाने के लिए माता लक्ष्‍मी, राजा बलि के यहां पहुंचीं और उन्‍हें अपना भाई बना लिया। भगवान विष्‍णु को पाताल लोक से वापस ले जाने का वचन लिया। पाताल से विदा लेते वक्‍त भगवान विष्‍णु ने राजा बलि को वरदान दिया कि वह आषाढ़ शुक्‍ल पक्ष की एकादशी से कार्तिक शुक्‍ल पक्ष की एकादशी तक पाताल लोक में निवास करेंगे। पाताल लोक में उनके रहने की इस अवधि को योगनिद्रा माना जाता है।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।
 

 

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  • Web Title:Lord Vishnu
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