Lord Badri Vishal s doors closed for winter now the gods will worship for next six months - भगवान बदरी विशाल के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद, अब छह माह तक पूजा करेंगे देवता DA Image
9 दिसंबर, 2019|8:18|IST

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भगवान बदरी विशाल के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद, अब छह माह तक पूजा करेंगे देवता

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भगवान बदरी विशाल के कपाट आज रविवार को सांय 5 बजकर 13 मिनट पर शीतकाल के लिये बंद हो गये हैं। भू बैकुंठ कहे जाने वाले बदरी विशाल के कपाट बंद की तिथि पर इस बार रिकार्ड संख्या में यात्रियों ने भगवान के दर्शन किये । यह संख्या लगभग 10 हजार रही। पहली बार ऐसा हुआ यात्रा मे़ अथक सहयोग और सेवा के लिये सार्वजनिक रूप  से मंदिर समिति  ने मंदिर के  कर्मचारियों व बदरीनाथ के थाना पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का सम्मान किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल और सी ई ओ बी . डी सि सी ई ओ ने पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। 

यह रही बदरीनाथ के कपाट बंद होने की प्रकृया-

 

  • रविवार  सांय 5 बजकर 13 मिनट पर हुये कपाट बंद 
  • कर्क लग्न पर हुये कपाट बंद 
  • प्रात: 3 बजे मंदिर के कपाट खुले 
  • 3 बजकर 30 मिनट पर भगवान का अभिषेक 
  • प्रात: 7 बजे भगवान का पुष्प श्रृंगार 
  • 8 बजे  से भक्तों ने किये भगवान के दर्शन 
  • 9 .30 पर भगवान का बाल भोग उसके बाद राज भोग 
  • 12 बजे बदरीनाथ मंदिर के सिंहद्वार पर बदरीनाथ केदार मंदिर समिति द्वारा भगवान की स्तुति वंदना  का कार्यक्रम  
  • 3 बजे अपराह्न कुछ समय के लिये आम यात्रियो के लिये दर्शन रुके 
  • 3-30 पर मां लक्ष्मी को स्त्री वेष धारित कर रावल इश्वरी नम्बूदरी  ने लक्ष्मी जी को भगवान के सानिध्य मे रखा ।
  • 4 बजे कुबेर जी . गरुड़ और उद्दध्व जी के विग्रह  की डोली को शीतकाल की पूजा के लिये बदरीश पंचायत से निवेदन कर  सजाया गया 
  • 4.30 पर भारत के अंतिम गांव माणा गांव कि अविवाहित कन्याओंं द्वारा एक दिन में बुनी ऊन की कंम्बल कोभगवान को भेंट किया गया
  • रावल ईश्वरी प्रसाद  नम्बूरदरी घी में लपेट कर भगवान को कपाट बंद होने से पूर्व पहनाया 
  • बदरी नाथ के कपाट बंद से पूर्व गढवाल स्काउट (सेना ) ने मधुर बैंड ध्वनि बजाई ।
  • जय बदरी विशाल के जय घोष के साथ हजारों भक्त ने आनन्द से किया नृत्य 
  • 5 बजकर 13 मिनट पर हुये बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद


अब छह माह तक देवता करेंगे पूजा-
भगवान बदरी विशाल के कपाट रविवार को संध्या काल  5 बजकर 13 मिनट पर कर्क लग्न पर शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। कपाट खुलने और कपाट बंद होने की अवधि तक मानव भगवान श्री हरि बदरी विशाल की पूजा अर्चना और दर्शन करते हैं। मान्यता है कि अब जब कपाट बंद हो गए हैं  तो इस अवधि में स्वर्ग से उतर कर भू-वैकुंठ बदरी विशाल के दर्शन और पूजा अर्चना देवता करेंगे। भगवान बदरी विशाल के कपाट बंद होने पर भक्तों ने भगवान के इस यात्रा काल में अंतिम दर्शन किए। भगवान से छह माह का विछोह होने पर भक्त भावुक हो गए। 

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भगवान बदरी विशाल के कपाट बंद होने पर 10 हजार से अधिक भक्त भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे । जो एक रिर्काड है। रविवार को तड़के से ही भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ गई। कडाके की ठंड के बावजूद भी प्रातः 2 बजे से ही भक्त भगवान के दर्शन के लिए कतार पर खडे हो गए। जैसे ही तीन बजे भगवान के कपाट खुले। पूरी बदरी पुरी जय बदरी विशाल के उद्धघोश से गूंज उठी।

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