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भगवान अति वरदार की मूर्ति को दी 40 साल की जल समाधि

अंजीर की लकड़ी से निर्मित भगवान अति वरदार की मूर्ति 48 दिन तक दर्शन के लिए रखने के बाद यहां रविवार सुबह श्री देवराजस्वामी मंदिर के जल समाधि में धार्मिक उत्साह के बीच उतार दी गयी। यह 40 वर्ष में एक बार होने वाला कार्यक्रम है। इसमें एक जुलाई से अभी तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए।


विशेष अनुष्ठान पूरा होने और पारंपरिक हर्बल लेप लगाने के बाद आदमकद प्रतिमा को पुजारी अनंतसरस सरोवर तक ले आये और उसे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक विशेष भूमिगत चैंबर में रख दिया। भगवान की मूर्ति के पानी के भीतर स्थायी निवास में लौटने के साथ ही एक जुलाई को शुरू हुए 48 दिवसीय महोत्सव का समापन हो गया। इस महोत्सव में शामिल होने के लिए प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु इस मंदिर नगर आये। यह मंदिर नगर चेन्नई से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है।


शनिवार शाम को अधिष्ठाता भगवान श्री देवराजस्वामी की मूर्ति को जुलूस में वसंत मंडपम में लाया गया था जहां भगवान अति वरदार को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा गया था। अति वरदार की मूर्ति को सरोवर में रखने से पहले विशेष पूजा सम्पन्न किये गए।


इस कार्यक्रम की शुरूआत अति वरदार की सदियों पुरानी मूर्ति को पिछले महीने जल समाधि से निकालने से हुई थी। गत 1 जुलाई से 31 जुलाई तक, मूर्ति ''स्याना कोल्लम (लेटी हुई मुद्रा में) और एक अगस्त से ''निंद्रा कोल्लम (खड़ी मुद्रा में) में थी। 17 अगस्त को कोई सार्वजनिक दर्शन नहीं हुआ। इस महोत्सव के दौरान विशेषकर सप्ताहांत में प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु एकत्रित हुए। 

समाधि से पहले विशेष पूजा अर्चना संपन्न हुई। इस आरती (Video) के बाद 40 साल बाद फिर भगवान अथि वरदार की आरती होगी-

 

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी के अनुसार महोत्सव के दौरान एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन किये।  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, पलानीस्वामी, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव, तमिल फिल्म सुपरस्टार रजनीकांत महोत्सव के दौरान मूर्ति के दर्शन करने वालों में शामिल थे। 


सार्वजनिक दर्शन समाप्त होने की पूर्व संध्या पर, पलानीस्वामी ने श्रद्धालुओं का दर्शन सुविधाजनक बनाने में कड़ी मेहनत के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और सभी विभागों के अधिकारियों, विशेषकर राजस्व को धन्यवाद दिया।

हालांकि, श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुविधाओं की कमी और खराब भीड़़ प्रबंधन को लेकर काफी शिकायतें थीं। आखिरी बार महोत्सव 1979 में हुआ था और अगला 2059 में होगा। 

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  • Web Title:Lord Athi Varadar given jal samadhi for 40 years in a centuries old tradition in tamilnadu
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