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18 जनवरी, 2020|8:13|IST

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16 दिसंबर से शुरु हो रहे हैं खरमास, ये हैं मलमास से जुड़े सभी जरूरी नियम

kharmas 2019

Kharmas 2019: हिंदू पंचांग के अनुसार सोमवार, 16 दिसंबर से मलमास (खरमास) शुरू हो रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण संस्कार, वधु प्रवेश, गृह निर्माण, नए व्यापार का शुभारंभ आदि जैसे कोई भी मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता है। सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने पर खरमास माह शुरू होता है। जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के बाद समाप्त होता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं इस दिन से जुड़े क्या हैं सभी जरूरी नियम। 

खरमास से जुड़े नियम-
-खरमास माह में दान और पुण्य का विशेष महत्व बताया जाता है। इस समय किया हुए दान का फल कई गुना मिलता है। खासकर इस निश्चित समय में गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
-इस समय सूर्य को जल चढ़ाने से अच्छी सेहत की प्राप्ति होती है। 
-इस माह गोशाला जाकर गाय को गुड़ और हरा चना खिलाने से भगवान श्री कृष्ण प्रसन्न होते हैं। 
-धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास माह में व्यक्ति में क्रोध और उग्रता की अधिकता रहती है। इस खास समय वैचारिक मतभेद के साथ मानसिक बेचैनी भी कई लोगों में देखने को मिल सकती है। यही वजह है कि इस खास समय में सभी शुभ कार्यों को करने की मनाही बताई गई है।
-खरमास में शादी-विवाह के कार्य नहीं करने की सलाह दी जाती है। इस समय विवाह इत्यादि होने पर संबंधों में मधुरता की कमी आ सकती है और किसी न किसी कारण सुख का अभाव बना रहता है।
-खरमास का माह पूजा-पाठ के लिए उपयोगी होता है। इस समय मंत्र जाप इत्यदि काम करना उत्तम माना गया है।
-खरमास के दौरान जल दान का भी बहुत महत्व माना जाता है इस समय के दौरान पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व बताया जाता है।
-खरमास में ब्रह्म मूहूर्त में किए गए स्नान को शरीर के लिए बहुत उपयोगी माना गया है।

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  • Web Title:kharmas 2019: According to hindu religion Know the starting date of kharmas or Malmas and necessary rules should be follow during kharmas