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सोते समय रखें इन बातों का खास खयाल

नींद से सुखदायी कुछ भी नहीं, दुनिया में नींद सबको बहुत प्यारी है और ये सभी की जरूरत भी है। कहते है प्राणी बिना खाना खाए या फिर बिना पिये रह सकता है लेकिन बिना सोए कोई नहीं रह सकता। एक समय ऐसा आता ही है जब मनुष्य अपने ऊपर काबू नहीं रख पाता और नींद के आगोश में चला जाता है।

सोने की भी कई मुद्राएं होती हैं, माना जाता है कि उल्टा सोए भोगी, सीधा सोए योगी, दाएं सोए रोगी, बाएं सोए निरोगी। इसके अलावा चारों दिशाओं में सोने के भी जातक पर अनुकूल और प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं।

पूर्व ( East) दिशा में मस्तक रखकर सोने से विद्या की प्राप्ति होती है।

दक्षिण ( South ) में मस्तक रखकर सोने से धनलाभ व आरोग्य लाभ होता है ।

पश्चिम( West ) में मस्तक रखकर सोने से प्रबल चिंता होती है।
 
उत्तर ( North) में मस्तक रखकर सोने से हानि मृत्यु कारक होती है।

ये सावधानियां बरतें

  • मस्तक और पांव की तरफ दीपक नहीं रखना चाहिए। दीपक रखें भी तो दायीं या बायीं तरफ और दूरी पर होना चाहिए।
  • संध्याकाल में निद्रा नहीं लेनी चाहिए।
  • शय्या पर बैठे-बैठे निद्रा नहीं लेनी चाहिए।
  • द्वार के उंबरे/ देहरी/थलेटी/चौकट पर मस्तक रखकर नींद न लें।
  • ह्रदय पर हाथ रखकर, छत के पाट या बीम के नीचे और पांव पर पांव चढ़ाकर नींद न लें।
  • सूर्यास्त से पहले नहीं सोना चाहिए।
  • पांव की और शय्या ऊंची हो तो अशुभ है, केवल चिकित्सीय उपचार के लिए छूट हैं।
  • शय्या पर बैठकर खाना-पीना बहुत अशुभ माना जाता है।
  • ललाट पर तिलक रखकर सोना अशुभ है, सोने से पहले तिलक हटा देना चाहिए।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य व सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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  • Web Title:Keep these things in mind while sleeping