Karwa Chauth Katha : read karva chauth vrat katha poojan vidhi - Karwa Chauth Katha : पढ़ें ये करवा चौथ कथा और जानें चांद निकलने का समय DA Image
20 नबम्बर, 2019|6:24|IST

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Karwa Chauth Katha : पढ़ें ये करवा चौथ कथा और जानें चांद निकलने का समय

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Karwa Chauth katha 2019 : आज देश भर में करवा चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखा है। महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर शाम को चांद को अर्ध्य कर व्रत तोड़ेंगी। करवा चौथ के दिन माता पार्वती और गणेश जी की पूजा विधि-विधान के साथ की जाती है। जिसके बाद करवा चौथ की व्रत कथा सुनना अनिवार्य माना जाता है। मान्यता है कि इससे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ज्योतिर्विद पंडित सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र का होना अपने आप में अद्भुत संयोग है। चंद्रमा में रोहिणी का योग होने से मार्कंडेय और सत्यभासा योग बन रहा है। यह योग चंद्रमा की 27 पत्नियों में सबसे प्रिय पत्नी रोहिणी के साथ होने से बन रहा है। सुहागिनों के लिए यह बेहद फलदायी होगा। यह योग भगवान श्री कृष्ण और सत्यभासा के मिलन के समय भी बना था।

सबसे प्रचलित कथा
एक ब्राह्मण के सात पुत्र थे और वीरावती नाम की इकलौती पुत्री थी। सात भाइयों की अकेली बहन होने के कारण वीरावती सभी भाइयों की लाडली थी और उसे सभी भाई जान से बढ़कर प्रेम करते थे. कुछ समय बाद वीरावती का विवाह किसी ब्राह्मण युवक से हो गया। विवाह के बाद वीरावती मायके आई और फिर उसने अपनी भाभियों के साथ करवाचौथ का व्रत रखा लेकिन शाम होते-होते वह भूख से व्याकुल हो उठी। सभी भाई खाना खाने बैठे और अपनी बहन से भी खाने का आग्रह करने लगे, लेकिन बहन ने बताया कि उसका आज करवा चौथ का निर्जल व्रत है और वह खाना सिर्फ चंद्रमा को देखकर उसे अर्घ्‍य देकर ही खा सकती है। लेकिन चंद्रमा अभी तक नहीं निकला है, इसलिए वह भूख-प्यास से व्याकुल हो उठी है।

वीरावती की ये हालत उसके भाइयों से देखी नहीं गई और फिर एक भाई ने पीपल के पेड़ पर एक दीपक जलाकर चलनी की ओट में रख देता है। दूर से देखने पर वह ऐसा लगा की चांद निकल आया है। फिर एक भाई ने आकर वीरावती को कहा कि चांद निकल आया है, तुम उसे अर्घ्य देने के बाद भोजन कर सकती हो। बहन खुशी के मारे सीढ़ियों पर चढ़कर चांद को देखा और उसे अर्घ्‍य देकर खाना खाने बैठ गई।

उसने जैसे ही पहला टुकड़ा मुंह में डाला है तो उसे छींक आ गई। दूसरा टुकड़ा डाला तो उसमें बाल निकल आया। इसके बाद उसने जैसे ही तीसरा टुकड़ा मुंह में डालने की कोशिश की तो उसके पति की मृत्यु का समाचार उसे मिल गया।

उसकी भाभी उसे सच्चाई से अवगत कराती है कि उसके साथ ऐसा क्यों हुआ। करवा चौथ का व्रत गलत तरीके से टूटने के कारण देवता उससे नाराज हो गए हैं। एक बार इंद्र देव की पत्नी इंद्राणी करवाचौथ के दिन धरती पर आईं और वीरावती उनके पास गई और अपने पति की रक्षा के लिए प्रार्थना की। देवी इंद्राणी ने वीरावती को पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से करवाचौथ का व्रत करने के लिए कहा। इस बार वीरावती पूरी श्रद्धा से करवाचौथ का व्रत रखा। उसकी श्रद्धा और भक्ति देख कर भगवान प्रसन्न हो गए और उन्होंनें वीरावती सदासुहागन का आशीर्वाद देते हुए उसके पति को जीवित कर दिया। इसके बाद से महिलाओं का करवाचौथ व्रत पर अटूट विश्वास होने लगा।

आज चांद कुछ जगहों पर शाम 08.18 और कुछ जगहों पर शाम 08:19 बजे निकलेगा।

करवा चौथ चंद्रोदय का समय

करवा चौथ की तिथि और शुभ मुहूर्त :
तिथि : 17 अक्टूबर
-चतुर्थी तिथि प्रारंभ : 17 अक्टूबर की सुबह 6:48 मिनट से
-चतुर्थी तिथि समाप्त : 18 अक्टूबर को सुबह 7:29 मिनट तक
-करवा चौथ व्रत का समय : 17 अक्टू. को सुबह 6:27 मिनट से रात 8:16 मिनट तक
-कुल अवधि : 13 घंटे 50 मिनट
-पूजा का शुभ मुहूर्त : 17 अक्टू. की शाम 5:46 मिनट से शाम 7:02 मिनट तक 
-कुल अवधि : 1 घंटे 16 मिनट

पूजा मुहूर्त -
शायं 5.50 से 7.05 बजे तक (करवा चौथ कथा का शुभ मुहूर्त)

दिल्ली में चंद्रमा निकलने का समय-

करवा चौथ पर सत्तर साल बाद शुभ मंगल योग पड़ रहे हैं। पति की आयु, यश और समृद्धि के लिए रखा जाने वाला यह मंगल पर्व आज होगा। व्रत की अवधि भी सबसे लंबी होगी। करीब 14 घंटे का व्रत रहेगा। इस बार उच्च राशि का चंद्रमा होने से अक्षत सुहाग के शुभ मांगलिक योग हैं। दिल्ली में चंद्रोदय गुरुवार रात 08.19 बजे होगा।

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