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हिंदी न्यूज़ धर्मअधिकांश इलाकों में हुआ चांद का दीदार, सुहागिनों ने पूरा किया करवा चौथ व्रत

अधिकांश इलाकों में हुआ चांद का दीदार, सुहागिनों ने पूरा किया करवा चौथ व्रत

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्ली Saumya Tiwari
Sun, 24 Oct 2021 11:10 PM
अधिकांश इलाकों में हुआ चांद का दीदार, सुहागिनों ने पूरा किया करवा चौथ व्रत

Karwa Chauth 2021 Live Updates: देशभर में आज करवा चौथ का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया गया। दिल्ली-एनसीआर को छोड़कर अधिकांश इलाकों में चांद का दीदार कर सुहागिनों ने व्रत संपन्न किया।

करवा चौथ के मौके पार सुहागिन स्त्रियां निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार सच्ची निष्ठा से व्रत किया जाए तो माता पार्वती सदा सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। करवा चौथ का व्रत चंद्र दर्शन कर चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही पूर्ण माना जाता है। 

करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का अधिक महत्व होता है। इस दिन व्रती स्त्रियों को चंद्रमा का बेसब्री से इंतजार रहता है। आज के दिन चंद्र दर्शन करना जरूरी माना जाता है। भारत के सभी राज्यों में चंद्रमा अलग-अलग समय पर उदित होता है। इस समय में ज्यादा फर्क नहीं होता है। चांद के दर्शन देश के लगभग सभी हिस्सों में हो गए हैं, लेकिन दिल्ली- एनसीआर में बारिश की वजह से चांद के दर्शन में दिक्कत हुई। लोगों ने चांद की तस्वीर या वीडियो देखकर व्रत तोड़ा।

ग्रेटर नोएडा में बारिश में लोगो ने अपने रिश्तेदारों के यहां पर वीडियो कॉल के माध्यम से चांद देखकर किया चांद का दीदार।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चांद न दिखने पर इसे अपशुगन नहीं समझना चाहिए।मौसम की वजह से चांद का न दिखना आम बात है। चांद के दर्शन न होने पर आप ऐसे तोड़ें अपना व्रत-

 1. कहा जाता है कि करवा चौथ व्रत के दिन अगर आपको चांद नजर नहीं आता है तो महिलाएं अगले दिन सूर्योदय के बाद भोजन कर सकती हैं।
2. मान्यता है कि करवा चौथ के दिन अगर चंद्रमा नहीं दिखाई पड़ता तो महिलाएं भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा के दर्शन कर सकती हैं। चंद्रमा की पूजा करके क्षमा याचना करें और व्रत पूर्ण करें।
3. ऐसा कहते हैं कि चांद न नजर आने पर चंद्रमा का आह्वान करें और विधि-विधान से पूजा करें। इसके बाद मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए व्रत पूर्ण करें।
4. कहा जाता है कि चंद्रोदय के समय चांद निकलने की दिशा में मुख करके पूजा करें। मन ही मन मां लक्ष्मी का ध्यान लगाते हुए पति की पूजा के बाद व्रत पारण करें।
5. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गर्भवती, बुजुर्ग और बीमार महिलाएं अगर चंद्रदर्शन नहीं कर पाती हैं तो वे बिना चंद्रदर्शन ही व्रत का पारण कर सकती हैं।

करवा चौथ के चांद का दीदार करें तस्वीरों में-

 

छतरपुर मध्य प्रदेश -

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हल्द्वानी (उत्तराखंड)-

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कानपुर (उत्तर प्रदेश)-

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झांसी ( उत्तर प्रदेश)

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चांद निकलने का समय : जानें आज यूपी , बिहार , राजस्थान , मध्य प्रदेश, दिल्ली में कब निकलेगा करवा चौथ का चांद

07:50 PM- कुछ देर में खत्म होने वाला है करवा चौथ के चांद का इंतजार-

करवा चौथ के चांद का इंतजार सुहागिन स्त्रियों को है। देशभर के तमाम शहरों में कुछ ही देर में चंद्रदर्शन होंगे।

7:42 PM शुभ मुहूर्त का महत्व और करवा चौथ पूजा सामग्री-

  • हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त में पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। करवा चौथ का शुभ मुहूर्त अब से कुछ ही देर मे शुरू होने वाला है। करवा चौथ पर विधि-विधान से पूजा करने से लाभ मिलता है। व्रत रखने वाली महिलाएं लाल कपड़े पहनकर शाम को करवाचौथ व्रत की कथा सुनें। इसके बाद भगवान गणेश जी, शिव, पार्वती की पूजा करें। गणेश जी को मोदक का भोग लगाएं और फिर फूल चढ़ाएं। चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करें। व्रत खोलने के बाद पति और बड़ों का आशीर्वाद लें। चांद आने से पहले अपनी पूजा की थाली भी सजा लें। इसमें सभी आवश्यक चीजें रख लें। पूजा की थाली में छलनी, आटे का दीया, फल, ड्राईफ्रूट, मिठाई और दो पानी के लोटे होने चाहिए। एक लोटे से चंद्रमा को अर्घ्य दें और दूसरे लोटे के पानी से व्रत खोलें। पूजा की थाली में माचिस न रखें। 

7:25 PM- चंद्रमा को किसका कारक मानते हैं?

रात्रि में चंद्रमा के दिखने पर ही अर्ध्य दें। गणेश और चतुर्थी माता को भी अर्ध्य देना चाहिए। इस दिन व्रती केवल मीठा भोजन ही करें। करवा चौथ व्रत को कम से कम 12 या 16 साल तक करना चाहिए। शास्त्रों में चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है। इसलिए करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा की पूजा करके महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना करती है।

6:52 PM- करवा चौथ पूजा की तस्वीरें-

 

6:38 PM- करवा चौथ पूजा

 

6:27 PM- कानपुर के कौशलपुरी में सामूहिक करवा चौथ का पूजन

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6:24 PM- कानपुर के पांडुनगर में पंजाबी समाज की महिलाएं का सामूहिक करवा चौथ पूजन।

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6:03 PM- पूजन और थाली सजाने की विधि

करवा चौथ पर विधि-विधान से पूजा करने से लाभ मिलता है। व्रत रखने वाली महिलाएं लाल कपड़े पहनकर शाम को करवाचौथ व्रत की कथा सुनें। इसके बाद भगवान गणेश जी, शिव, पार्वती की पूजा करें। गणेश जी को मोदक का भोग लगाएं और फिर फूल चढ़ाएं। चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करें। व्रत खोलने के बाद पति और बड़ों का आशीर्वाद लें। चांद आने से पहले अपनी पूजा की थाली भी सजा लें। इसमें सभी आवश्यक चीजें रख लें। पूजा की थाली में छलनी, आटे का दीया, फल, ड्राईफ्रूट, मिठाई और दो पानी के लोटे होने चाहिए। एक लोटे से चंद्रमा को अर्घ्य दें और दूसरे लोटे के पानी से व्रत खोलें। पूजा की थाली में माचिस न रखें।

5:45 PM-  अखंड सौभाग्य देने वाला होगा करवा चौथ

खास तौर पर सुहागिनों के लिए यह करवा चौथ अखंड सौभाग्य देने वाला होगा। करवा चौथ के दिन मां पार्वती, भगवान शिव, कार्तिकेय एवं गणेश सहित शिव परिवार का पूजन किया जाता है। मां पार्वती से सुहागिनें अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। इस दिन करवे में जल भरकर कथा सुनी जाती है। महिलाएं सुबह सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं।

5:30 PM- बेहद खास है इस साल का करवा चौथ

विवाहित महिलाओं के द्वारा पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जानेवाला महापर्व करवा चौथ इस बार कई अच्छे संयोग में आ रहा है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 24 अक्टूबर 2021 दिन रविवार को पड़ रही है। खास बात यह है कि पांच साल बाद फिर इस करवा चौथ पर शुभ योग बन रहा है। करवा चौथ पर इस बार रोहिणी नक्षत्र में पूजन होगा तो वहीं रविवार का दिन होने की वजह से भी व्रती महिलाओं को सूर्यदेव का आशीर्वाद प्राप्त होगा

5:12 PM- ऐसे दें चांद को अर्घ्य

चांद को अर्घ्य देते समय वह चुन्नी जरूर साथ ले जाएं, जिसे आपने कथा सुनते समय पहना था। चांद को छलनी पर दीया रखकर देखें और फिर तुरंत उसी छलनी से पति को देखें। कहते हैं कि छलनी में दीया रखने का रिवाज इसलिए बना क्योंकि पहले जब स्ट्रीट लाइट्स नहीं हुआ करती थीं तो महिलाएं चांद देखने के बाद छलनी में दीया के प्रकाश से पति का चेहरा देखती थीं।

4:53 PM-   दिल्ली एनसीआर में आज बादल, क्या समय पर दिख पाएगा चांद?

पिछले साल की तरह इस बार भी दिल्ली और एनसीआर में बारिश का सा मौसम है। बादल होने के कारण इस बार भी चांद दिखने में देरी हो सकती है। बादल होने के कारण चांद बादलों के पीछे छिप सकता है। इसलिए दिल्ली समेत नोएडा, गाजियाबाद, गुडगांव और फरीदाबाद में आज चंद्र दर्शन में  देरी हो सकती है। पिछले साल भी बादल होने के कारण दिल्ली और एनसीआर में चांद काफी देर से दिख पाया था। 

4:34 PM- चंद्रमा को अर्घ्य देने के दौरान मुख उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर करें

वास्तु शास्त्र के अनुसार, रात को चंद्रमा को अर्घ्य देने के दौरान अपना मुख उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर होना लाभकारी माना जाता है।

4:07 PM- करवा चौथ पर मेहंदी लगाना माना जाता है बेहद शुभ 

करवा चौथ के दिन सुहागिनें सोलह श्रृंगार करती हैं। महिलाओं के श्रृंगार में सबसे जरूरी और खास चीज मेहंदी होती है। इस दिन महिलाएं हाथों पर तरह-तरह की डिजाइन बनवाती हैं।

3:55 PM- क्यों होते हैं चंद्र दर्शन

चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। चंद्रमा आयु, यश और समृद्धि का भी प्रतीक है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा को भगवान ब्रह्मा का रूप माना जाता है और चांद को लंबी आयु का वरदान मिला हुआ है। चांद में सुंदरता, शीतलता, प्रेम, प्रसिद्धि और लंबी आयु जैसे गुण पाए जाते हैं, इसीलिए सभी महिलाएं चांद को देखकर ये कामना करती हैं कि ये सभी गुण उनके पति में आ जाएं।

3:30 PM- महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान-

सुहागगिनों को इस दिन कुछ बातों का ध्यान भी रखना चाहिए। सुहाग सामग्री चूड़ी, लहठी, बिंदी, सिंदूर आदि कचरा के डब्बे में नहीं फेंकाना चाहिए। इतना ही नहीं अगर चूड़ी पहनते समय टूट भी जाए तो उसे संभालकर पूजा स्थान पर रख दें। सबसे खास यह कि अपने मन में पति के अलावा किसी भी अन्य पुरुष का किसी भी तरह का कोई विचार न लाएं। साथ ही इस दिन किसी भी सुहागन को बुरा-भला कहने की गलती बिल्कुल भी न करनी चाहिए।

2:45 PM-  इस व्रत के प्रधान देवता श्री गणेश हैं

सभी उपवास रखने वाली महिलाएं रात में चांद को अर्घ्य देकर अपने पति के हाथ से पानी पीकर ही अपना व्रत खोलती हैं।  कार्तिक कृष्ण चौथ व्रत को संकष्टी गणेश चौथ व्रत भी कहते हैं। इस व्रत के प्रधान देवता श्री गणेश हैं। इस पावन दिन गणपति को लड्डु का भोग लगाना चाहिए। गणपति पूजन में तुलसी का प्रयोग उचित नहीं है। जबकि दुभ्भी (घास) और बेलपत्र गणेश पर जरूर चढ़ाना चाहिए। आचार्य ने कहा कि लोकाचार के अंतर्गत चांद को चलनी से देखने और पति के हाथ से जल पीने की परंपरा है। गणपति मंत्र का जाप और गणपति अथर्वशीर्ष पाठ कर गणेश से दसों दिशाओं से रक्षा करने की कामना करनी चाहिए।

2:00 PM-  करवा चौथ व्रत कथा सुनते समय साथ में रखें ये चीज-

करवा चौथ व्रत की कथा सुनते समय साबूत अनाज और मीठा साथ में रखना चाहिए। करवा चौथ पूजा में मिट्टी के करवे का विशेष महत्व होता है। इसलिए इस दिन मिट्टी के करवे से ही करवा चौथ की पूजा करनी चाहिए।

करवा चौथ व्रत कथा-

प्राचीन समय में करवा नामक स्त्री अपने पति के साथ एक गांव में रहती थी। एक दिन उसका पति नदी में स्नान करने गया। नदी में मगरमच्छ उसका पैर पकड़कर अंदर ले जाने लगा। तब पति ने अपनी सुरक्षा के निमित्त अपनी पत्नी करवा को पुकारा। उसकी पत्नी ने भागकर पति की रक्षा के लिए एक धागे से मगरमच्छ को बांध दिया। धागे का एक सिरा पकड़कर उसे लेकर पति के साथ यमराज के पास पहुंची। करवा ने बड़े ही साहस के साथ यमराज के प्रश्नों का उत्तर दिया।

यमराज ने करवा के साहस को देखते उसके पति को वापस कर दिया। साथ ही करवा को सुख-समृद्धि का वर दिया और कहा 'जो स्त्री इस दिन व्रत करके करवा को याद करेगी, उनके सौभाग्य की मैं रक्षा करूंगा। कहा जाता है कि इस घटना के दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि थी। तभी से करवा चौथ का व्रत रखने की परंपरा चली आ रही है।

1:05 PM- नासिक, कानपुर और पुणे तक जानिए आज कब दिखेगा चांद

मुंबई- रात 08 बजकर 46 मिनट पर।
नवी मुंबई- रात 08 बजकर 46 मिनट पर।
हैदराबाद- रात 08 बजकर 27 मिनट पर।
विशाखापत्तनम- रात 08 बजकर 7 मिनट पर।
नासिक- रात 08 बजकर 41 मिनट पर।
नागपुर- रात 08 बजकर 16 मिनट पर।
इंदौर- रात 08 बजकर 26 मिनट पर।
पुणे- रात 08 बजकर 44 मिनट पर।
चेन्नई- रात 08 बजकर 28 मिनट पर।
बेंगलुरु- रात 08 बजकर 39 मिनट पर।
मैसूर- रात 08 बजकर 44 मिनट पर।
कोयंबटूर- रात 08 बजकर 45 मिनट पर।
दिल्ली- रात 08 बजकर 07 मिनट पर।
कोलकाता- रात 07 बजकर 35 मिनट पर।
भुवनेश्वर- रात 07 बजकर 51 मिनट पर।
भोपाल- रात 08 बजकर 19 मिनट पर।
कानपुर- रात 07 बजकर 59 मिनट पर।
चंडीगढ़- रात 08 बजकर 04 मिनट पर।
सूरत- रात 08 बजकर 42 मिनट पर।
अहमदाबाद- रात 08 बजकर 39 मिनट पर।
गुवाहाटी- रात 07 बजकर 13 मिनट पर।
लुधियाना- रात 08 बजकर 07 मिनट पर।
जालंधर- रात 08 बजकर 07 मिनट पर।
अमृतसर- रात 08 बजकर 09 मिनट पर।
गुरुग्राम- रात 08 बजकर 08 मिनट पर।
श्रीनगर- रात 08 बजकर 03 मिनट पर।
शिमला- रात 08 बजकर 01 मिनट पर।
वाराणसी- रात 07 बजकर 51 मिनट पर।
लखनऊ- रात 07 बजकर 56 मिनट पर।
पटना- रात 07 बजकर 42 मिनट पर।
रायपुर- रात 08 बजकर 06 मिनट पर।
जयपुर- रात 08 बजकर 17 मिनट पर।
जोधपुर- रात 08 बजकर 30 मिनट पर।
उदयपुर- रात 08 बजकर 31 मिनट पर।
त्रिवनंतपुरम- रात 08 बजकर 50 मिनट पर।

12:35 PM- जन्मतिथि के अनुसार धारण करें वस्त्र

जन्मतिथि के अनुसार वस्त्र धारण कर पूजन से विशेष फल की प्राप्ति होती है। जिनका जन्म 01, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है उन्हें लाल, गुलाबी, नारंगी, 02, 11, 29 के लिए चमकीला, 03, 12, 21 और 30 के लिए पीला या सुनहरा, 04, 13, 22, 31 के लिए चटकीला रंग, 05, 14, 23 के लिए लाल और सफेद मिश्रित, 07, 16, 25 के लिए मिश्रित रंग, 08, 17, 26 के लिए नीला या भूरा तथा 09, 18 और 27 तारीख को जन्मीं महिलाओं के लिए लाल, गुलाबी और नारंगी रंग अत्यंत लाभदायक होंगे।

11:23AM- पति की विजय के लिए रखा गया करवाचौथ का व्रत-
करवाचौथ के व्रत का अरम्भ कब से शुरू हुआ इसकी सटीक विवरण उपलब्ध नहीं है। इसका विवरण शास्त्रों, पुराणों और महाभारत में मिलता है। श्वामन पुराण में भी करवा चौथ व्रत का वर्णन मिलता है। करवा चौथ से जुड़ी अनेक कथाएं भी प्रचलित हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार देवताओं और दानवों के साथ युद्ध से भी जुड़ा है इसका इतिहास। एक बार देवताओं और दानवों में युद्ध शुरू हो गया और उस युद्ध में देवताओं की हार हो रही थी। ऐसे में देवता ब्रह्मदेव के पास गए और रक्षा की प्रार्थना की। ब्रह्मदेव ने कहा कि इस संकट से बचने के लिए सभी देवताओं की पत्नियों को अपने.अपने पतियों के लिए व्रत रखना चाहिए और सच्चे दिल से उनकी विजय के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।

ब्रह्मदेव ने वचन दिया कि ऐसा करने पर निश्चित ही इस युद्ध में देवताओं की जीत होगी। ब्रह्मदेव के इस सुझाव को सभी देवताओं और उनकी पत्नियों ने खुशी-खुशी स्वीकार किया। ब्रह्मदेव के कहे अनुसार कार्तिक माह की चतुर्थी के दिन सभी देवताओं की पत्नियों ने व्रत रखा और अपने पतियों यानी देवताओं की विजय के लिए प्रार्थना की। उनकी यह प्रार्थना स्वीकार हुई और युद्ध में देवताओं की जीत हुई। माना जाता है कि इसी दिन से करवाचौथ के व्रत के परंपरा शुरू हुई।

10:18AM- पूजन का समय- करवा चौथ पूजन का जानिए अमृत मुहूर्त-

अमृत मुहूर्त: 10:40 से 12:05 तक कुलदेवता/ कुलदेवी पूजन

शुभ मुहूर्त: 1:29 से 2:54 तक शिव परिवार पूजन

सायं: शुभ मुहूर्त- 5:43 से 7:18 तक करवा चौथ कथा पूजन

अमृत मुहूर्त: 7:18 से 8:54 तक - इंद्र इंद्राणी, चंद्र पूजन

9:15AM- करवा चौथ की इन संदेशों से भेजें बधाई-

1. करवा चौथ का ये त्योहार,
आए और लाए खुशियां हज़ार,
यही है दुआ हमारी,
आप हर बार मनाएं ये त्योहार,
सलामत रहें आप और आपका परिवार।
Happy Karwa Chauth 2021

2-माथे की बिंदिया खनकती रहे,
हाथों में चूड़ियां खनकती रहे,
पैरों की पायल झनकती रहे,
पिया संग प्रेम बेला सजती रहे
करवा चौथ 2021 की बधाई

3. सजधज के बैठे हैं हम यहां,
तू कब तक आएगा पिया,
कब अपने हाथों से पिलाकर पानी,
अपने गले से लगाएगा।
Happy Karwa Chauth 2021

8:25AM- आपके शहर में कब निकलेगा चांद

गुरुग्राम- रात 08 बजकर 08 मिनट पर।
अलीगढ़- रात 08 बजकर 06 मिनट पर।
गोरखपुर- 07 बजकर 47 मिनट पर।
लखनऊ- 07 बजकर 55 मिनट पर।
गाजियाबाद- 08 बजकर 06 मिनट पर।
हरियाणा- 08 बजकर 10 मिनट।
लुधियाना- 08 बजकर 07 मिनट पर।
चंडीगढ़- 08 बजकर 03 मिनट पर।
कानपुर- 08 बजे।
प्रयागराज- 07 बजकर 56 मिनट पर।
इंदौर- 8 बजकर 56 मिनट।
मुरादाबाद- 07 बजकर 58 मिनट पर।
जयपुर- 08 बजकर 17 मिनट पर।
पटना- 07 बजकर 46 मिनट पर।
 यमुना नगर (हरियाणा)- 08 बजकर 08 मिनट पर।
दिल्ली- 08 बजकर 08 मिनट
मुंबई- 08 बजकर 47 मिनट
बेंगलुरु- 08बजकर 39 मिनट
आगरा- 08 बजकर 07 मिनट
मेरठ- 08 बजकर 05 मिनट
लखनऊ- 07 बजकर 56 मिनट
गोरखपुर- 07 बजकर 47 मिनट
मथुरा- 08 बजकर 08 मिनट
बरेली- 07 बजकर 59 मिनट
सहारनपुर- 08 बजकर 03 मिनट
रामपुर- 8 बजे
इटावा- 08 बजकर 05 मिनट
फर्रुखाबाद- 08 बजकर 01 मिनट
जौनपुर- 07 बजकर 52 मिनट
कोलकाता- 07 बजकर 36 मिनट
जयपुर- 08 बजकर 17 मिनट
देहरादून- 8 बजे
पटना- 7 बजकर 42 मिनट

7:25 AM- 8 साल बाद करवा चौथ पर विशेष संयोग-

आठ सालों के बाद करवा चौथ पर विशेष संयोग बन रहा है। रोहिणी नक्षत्र और मंगल योग एक साथ आ रहा है। चन्द्रमा के साथ प्रिय पत्नी रोहिणी के साथ रहना अद्भूत योग का निर्माण कर रहा है। साथ ही रविवार का दिन काफी शुभ संयोग माना जा रहा है।

7:00AM- करवा चौथ के दिन इन बातों का रखें ध्यान-

मान्यता के अनुसार करवाचौथ के दिन सुई-धागे का इस्तेमाल वर्जित है। इस दिन कैंची का इस्तेमाल भी अशुभ माना जाता है। इस दिन कैंची को कहीं छिपाकर रख दें ताकि आपकी नज़र भी इस पर ना पड़े। सुहाग की सामग्री जैसे चूड़ियां, बिंदी और सिंदूर आदि कूड़े में न फेंके। करवाचौथ के दिन इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर पूजा के लिए तैयार होते समय चूड़ियां टूट जाएं तो उन्हें कचरे में न फेंके। सुहाग की चीज़ों को बहते जल में प्रवाहित कर दें और अपने सुहाग की रक्षा के लिए प्रार्थना करें।

6.30AM- करवा चौथ पूजन का शुभ मुहूर्त-

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ- 24 अक्टूबर सुबह 3 बजकर 1 मिनट से
  • चतुर्थी तिथि समाप्त- 25 अक्टूबर सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर

6.28 AM- करवा चौथ पूजा- सामग्री-  चंदन, शहद, अगरबत्ती, पुष्प,  कच्चा दूध, शक्कर,  शुद्ध घी, दही, मिठाई, गंगाजल, अक्षत (चावल), सिंदूर, मेहंदी, महावर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी,  बिछुआ, मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन,  दीपक, रुई, कपूर, गेहूं, शक्कर का बूरा, हल्दी, जल का लोटा, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, चलनी, आठ पूरियों की अठावरी, हलुआ और दक्षिणा (दान) के लिए पैसे आदि।

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