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20 नवंबर, 2020|7:28|IST

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Kartik Mass 2020: गोदान से अधिक है तुलसी पूजा का फल, कार्तिक मास में होता तुलसी शालिग्राम का विवाह

Tulsi

कार्तिक मास में तुलसी की पूजा करने का विधान है। वैसे तो साल भर तुलसी की पूजा की जाती है, लकिन कहा जाता है कि कार्तिक मास में तुलसी के सामने दीपक जालने से मंनवांछित फल मिलता है। कार्तिक के महीने में तुलसी की नियमपूर्वक पूजा करने व दीपक जलाने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक महीने में भगवान श्री हरि को तुलसी चढ़ाने का फल गोदान के फल से कई गुना अधिक हो जाता है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष में एकादशी के दिन यानी देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह भी किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु निद्रा से जागते हैं। इसलिए देव के उठने पर तुलसी विवाह को पवित्र मुहूर्त माना जाता है|  इस साल तुलसी विवाह  गुरुवार 26 नवंबर को किया जाएगा।

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ऐसी मान्यता है कि जिस घर में तुलसी जी होती हैं  ऐसे घर में यमदूत प्रवेश नहीं करते। तुलसी जी का विवाह शालिग्राम से हुआ था, इसलिए कहा जाता है कि जो तुलसी जी की भक्ति करता है, उसको भगवान की कृपा मिलती है। एक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने तुलसी जी को वरदान दिया था कि  मुझे शालिग्राम के नाम से तुलसी जी के साथ ही पूजा जाएगा और जो व्यक्ति बिना तुलसी जी मेरी पूजा करेगा, उसका भोग मैं स्वीकार नहीं करुंगा।

इस प्रकार करें पूजा

शास्त्रों के अनुसार तुलसी के चारों ओर स्तंभ बनाकर उसे तोरण से सजाना चाहिए तथा स्तंभों पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाना चाहिए। रंगोली से अष्टदल कमल के साथ ही शंख चक्र व गाय का पैर बनाकर सर्वांग पूजा करना चाहिए। तुलसी का आवाहन करके धूप, दीप, रोली, सिंदूर, चंदन, नैवेद्य व वस्त्र अर्पित करना चाहिए। तुलसी के चारों और दीप दान करके उनकी विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। 

 

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  • Web Title:Kartik Mass 2020: Tulsi Puja Phal more than Godan marriage of Tulsi Shaligram in Kartik month