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1 नवंबर, 2020|12:52|IST

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अहोई अष्टमी से आंवला नवमी तक इन तीज-त्योहारों के साथ बीतेगा कार्तिक माह, पढ़ें नाम के पीछे की पौराणिक कथा

हिंदू धर्म में कार्तिक मास को पुण्यकारी माह माना जाता है। 1 नवंबर से शुरू हुए कार्तिक मास को धर्म मास भी कहा जाता है। कहते हैं कि यह पावन माह भगवान विष्णु को समर्पित है। कार्तिक माह के शुरू होते ही त्योहारों का दौर भी शुरू हो जाता है। नवंबर 2020 (कार्तिक मास) में करवा चौथ से लेकर देवउठनी तक कई त्योहार पड़ेंगे। शास्त्रों में कार्तिक मास को इसलिए बताया गया है क्योंकि इस माह श्रीहरि निद्रा से जागते हैं।

 मान्यता है कि कार्तिक माह में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने से धरती के सभी पुण्यों की प्राप्ति होती है। इस माह में दीपदान का भी खास महत्व होता है। पुराणों के अनुसार, इस माह में की गई प्रार्थना सीधे देवी-देवता तक पहुंचती है, इसलिए इस माह को मोक्ष द्वार भी कहते हैं। जानिए कार्तिक मास में पड़ने वाले व्रत और त्योहारों के नाम और तिथि-

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4 नवंबर- करवाचौथ
8 नवंबर- अहोई अष्टमी
11 नवंबर- रंभा एकादशी व्रत
12  नवंबर- धनतेरस
13  नवंबर- नरक चतुर्दशी
14  नवंबर- दिवाली या दीपावली
15 नवंबर- गोवर्धन पूजा
16 नवंबर- भाई दूज
20  नवंबर- छठ पूजा
22 नवंबर- गो पूजन
23 नवंबर- आंवला नवमी
25  नवंबर- देवउठनी या तुलसी विवाह
30  नवंबर- देव दीपावली (कार्तिक पूर्णिमा)

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जानिए इस माह का नाम क्यों पड़ा कार्तिक-

स्कंद पुराण के अनुसार,  भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय ने तारकासुर का वध इसी माह में किया था। इसके लिए इस माह का नाम कार्तिक पड़ा। साथ ही भगवान विष्णु नारायण रूप में धरती पर जल में विश्राम करते हैं। इसलिए इस माह में नदियों में स्नान और दीपदान का विशेष महत्व है।

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  • Web Title:Kartik Maas 2020 history and Importance of Kartik Maas Katha