Navratri Kanya Pujan Muhrat : अष्टमी, नवमी पर करें कन्या पूजन, जानें लें महत्व, संपूर्ण विधि, शुभ मुहूर्त और सामग्री लिस्ट

लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली
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Navratri Kanya Pujan Shubh Muhurat : इस समय चैत्र नवरात्रि चल रही है। अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन व हवन करने का विशेष महत्व है। इन दिनों में कन्याओं को देवी के रूप मान कर पूजा की जाती है।

Navratri Kanya Pujan Muhrat : अष्टमी, नवमी पर करें कन्या पूजन, जानें लें महत्व, संपूर्ण विधि, शुभ मुहूर्त और सामग्री लिस्ट

Navratri Kanya Pujan Muhurat : इस समय चैत्र नवरात्रि चल रही है। अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन व हवन करने का विशेष महत्व है। इन दिनों में कन्याओं को देवी के रूप मान कर पूजा की जाती है। दस वर्ष से कम आयु की कन्याओं का पूजन करना श्रेष्ठ माना गया है। कन्याओं के पूजन के बाद उन्हें दक्षिणा, चुनरी, उपहार आदि प्रदान करना चाहिए। पैर छूकर आर्शीवाद प्राप्त कर उन्हें विदा करना चाहिए। कन्या पूजा के साथ एक छोटे बालक को भी भोजन कराएं। बालक को बटुक भैरव का स्वरूप माना जाता है। 

अष्टमी और नवमी की सही डेट- 16 अप्रैल को अष्टमी और 17 अप्रैल को नवमी है।

कन्या पूजा का महत्व- नौ कन्याओं के पूजन से शुभ फल की प्राप्ति होती है। भगवती की पूजा से धर्म, अर्थ और काम की सिद्धि मिलती है साथ ही धन का आगमन एवं पुत्र का संवर्द्धन भी होता है।

कन्या पूजन विधि और सामग्री की पूरी लिस्ट

  • जल- सबसे पहले कन्याओं के पैर धोएं जाते हैं। कन्याओं के पैर धोने के लिए साफ जल रख लें। आप गंगाजल से भी कन्याओं के पैर धो सकते हैं।
  • साफ कपड़ा- कन्याओं के पैर धोने के बाध पैरों को पोछने के लिए एक साफ कपड़ा रख लें।
  • रोली- कन्याओं के माथे पर तिलक लगाने के लिए।
  • चावल (अक्षत)- कन्याओं के माथे में अक्षत भी लगाएं।
  • कलावा- कन्याओं को तिलक लगाने के बाद उनके हाथ में कलावा भी बांधें।
  • पुष्प- कन्याओं पर पुष्प भी चढ़ाएं। 
  • चुन्नी- कन्याओं को उढ़ाने के लिए चुन्नी की जरूरत भी होती है।
  • फल- आप अपने इच्छानुसार फल कन्याओं को खिला सकते हैं।
  • मिठाई- कन्याओं के लिए मिठाई भी ले लें।
  • भोजन सामग्री- हलुवा, पूड़ी, चने, आदि कन्याओं के लिए भोजन सामग्री।

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कन्याओं को दक्षिणा देना न भूलें...

  • कन्या पूजन के बाद कन्याओं को दक्षिणा देने का विशेष महत्व होता है। कन्याओं को दक्षिणा देने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

अष्टमी कन्या पूजन शुभ मुहूर्त- सुबह 07 बजकर 51 मिनट से लेकर 10 बजकर 41 मिनट तक है। दोपहर  - 01 बजकर 30 मिनट से लेकर 02 बजकर 55 मिनट तक है।

महानवमी के दिन कन्या पूजा का शुभ मुहूर्त - सुबह 06 बजकर 27 मिनट से लेकर 07 बजकर 51 मिनट तक है। दोपहर का शुभ मुहूर्त - 01 बजकर 30 मिनट से लेकर 02 बजकर 55 मिनट तक है।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


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काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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